देहरादून में रहने वाले एक दंपत्ति को किराएदार पर भरोसा करना मंहगा पड़ गया।
घर का जिम्मा सौंपकर अनुज तंबर और उनकी पत्नी दशहरा देखने गए थे, लेकिन जब वापस लौटे तो उनके घर से लाखों का सामान गायब था।
किराएदार पति-पत्नी की तलाश
आरोप है कि किराएदार पति-पत्नी ने ही उनके घर से सामान पर हाथ साफ किया है। पुलिस मुकदमा दर्ज कर किराएदार पति-पत्नी की तलाश रही है।
पटेलनगर क्षेत्र में श्याम सुंदर मंदिर के पीछे अनुज तंबर का घर है। अनुज एक प्राइवेट स्कूल में एकाउंटेंट है। उनके घर के एक हिस्से में किराएदार पति-पत्नी पिछले ढाई साल से रहते थे।
दोनों परिवारों का आपस में अच्छा मेलजोल था। इस कारण मकान मालिक अनुज ने कभी किराएदारों को पुलिस सत्यापन के लिए भी नहीं कहा। अनुज ने पुलिस को बताया जब भी वह परिवार समेत आउट ऑफ स्टेशन जाते तो घर की चाबियां किराएदारों को दे जाते थे।
अपने बारे में बताया ही नहीं
रविवार को जब वह अपने बच्चों समेत दशहरा देखने गए तो उन्होंने चाबी नहीं दी थी। देर शाम साढ़े आठ बजे वह घर लौटे तो देखा कि घर के मुख्य दरवाजे से लेकर अंदर के कमरे में रखी अलमारी तक का लॉक खुला हुआ है।
वह पूछताछ के लिए किराएदार के पास पहुंचे, लेकिन वह नहीं मिले। सूचना पर बाजार चौकी पुलिस भी पहुंच गई। सोमवार दोपहर तक जब किराएदार नहीं लौटे तो पुलिस के साथ ही अनुज तंबर को भी शक हुआ।
पुलिस ने जब किराएदारों के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि कभी उन्होंने अपने बारे में बताया ही नहीं। बस यही पता है कि पति प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। इंस्पेक्टर पटेलनगर एमपी सैनी ने बताया पुलिस मुकदमा दर्ज कर किराएदार की तलाश कर रही है।
जागरूकता ही बचाव
किराएदारों को रखते समय उसका सत्यापन जरूर करवा लें। सत्यापन के फॉर्म पुलिस थाने में निशुल्क मिलते हैं। अगर किसी किराएदार ने कोई अपराध किया है और उसका सत्यापन मकान मालिक ने नहीं करा रखा है तो यह गंभीर अपराध में आता है।
एसपी सिटी डा. जगदीश चंद्र ने बताया सत्यापन न कराने की स्थिति में मकान मालिक के खिलाफ पांच हजार रुपए का जुर्माना हो सकता है।
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