कोटद्वार के पूरवाणा गांव के भूपेंद्र हत्या के तीनों आरोपियों ने शनिवार को सिविल जज (अवर खंड) की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। जिसके बाद कोर्ट ने आरोपियों को चौदह दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
पूरवाणा निवासी धिक्का देवी पत्नी स्व. कुंवर सिंह ने क्षेत्र के तीन युवकों सुनील सिंह पुत्र प्रताप सिंह, राहुल सिंह पुत्र गंभीर सिंह निवासी पूरवाणा और सुमित उर्फ सुम्मी पुत्र विशन सिंह निवासी ग्राम कठूड़बड़ा के खिलाफ नामजद तहरीर दी थी।
तहरीर में इन पर तीन सितंबर को उनके पुत्र भूपेंद्र की हत्या करने का आरोप लगाया गया था। इस मामले में राजस्व पुलिस ने 11 सितंबर को मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी।
कई दिन से चल रहे थे फरार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद से राजस्व पुलिस तीनों की तलाश में जुटी थी। तीनों कई दिनों से गांव से फरार चल रहे थे और राजस्व पुलिस को चकमा देते रहे।
सप्ताहभर से जैसे ही राजस्व पुलिस ने अपना शिकंजा कसा, युवकों ने अपने वकील के माध्यम से कोर्ट में सरेंडर की अर्जी दाखिल कर दी थी।
पुलिस को चकमा देकर किया सरेंडर
गत 22 सितंबर को भी उन्होंने सरेंडर का प्रयास किया, लेकिन राजस्व पुलिस की सक्रियता के चलते वे कोर्ट नहीं पहुंच सके। शनिवार को राजस्व पुलिस को चकमा देते हुए तीनों आरोपियों ने सिविल जज एकता मिश्रा की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
कोर्ट के आदेश पर पटवारी प्रताप सिंह की अगुवाई वाली राजस्व टीम दोपहर बाद उन्हें लेकर पौड़ी जेल के लिए रवाना हुई।