कार लूट के मामले में न्यायालय ने आरोपी प्रमोद भारती पुत्र रमेश चन्द निवासी सिविल लाइन मुज्जफरनगर को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। मामला वर्ष 2004 का है।
अभियोजन अधिकारी संजय चौहान ने बताया कि दिल्ली का एक परिवार अपने बच्चे के मुंडन संस्कार के लिए 29 मई 2004 को हरिद्वार आया था। गंगा स्नान और गंगा आरती के बाद रात को वह कनखल स्थित एक होटल में रुका था।
बंदूक दिखाकर लूटी थी कार
सुबह जब एक सदस्य क्वालिस कार की सफाई कर रहा था तो तीन हथियारबंद लोग उसके पास आए और डराकर चुपचाप गाड़ी में बैठने के लिए कहा। उन्होंने शोर मचाने पर गोली मारने की धमकी दी। बाद में उसे धनौरी रोड पर गाड़ी से उतार कर गाड़ी लूटकर ले गए थे।
आरोपी आपस में सुधीर, प्रमोद व गुड्डू नाम पुकार रहे थे। पुलिस ने कार लूट का मुकदमा दर्ज कर जांच करने के बाद तीन आरोपियों सुधीर चौधरी, प्रमोद भारती और गुड्डू त्यागी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
साथ में दस हजार का जुर्माना
सुनवाई के दौरान वर्ष 2008 में न्यायालय के आदेश पर गुड्डू की पत्रावली अलग कर दी गयी और सुधीर चौधरी की मौत होने पर उसके खिलाफ कार्यवाही खत्म कर दी गयी, जबकि अभियोजन की ओर से पांच गवाह पेश किये गये।
दोनों पक्षों के साक्ष्यों व बहस को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सिंह ने आरोपी प्रमोद भारती पुत्र रमेश चन्द निवासी सिविल लाइन मुज्जफरनगर को कार लूट का दोषी पाते हुए तीन वर्ष के कारावास एवं दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।