कुख्यात सुनील राठी के गुर्गे सचिन खोखर के कहने पर खाद व्यवसायी से 50 लाख रुपये की चौथ मांगने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बदमाशों के पास से तमंचा, चाकू और दो मोबाइल बरामद किए गए हैं। दोनों बदमाशों से पूछताछ की जा रही है।
रविवार को एसएसपी राजीव स्वरूप ने गंगनहर कोतवाली में पत्रकारों को बताया कि आठ अगस्त को खाद व्यवसायी सुनील कुमार अरोड़ा निवासी रामनगर को एक फोन आया था। फोन करने वाले ने कुख्यात सचिन खोखर के नाम से 50 लाख रुपये की चौथ मांगी थी। चौथ न देने पर उन्होंने जान से मारने की भी धमकी दी गई थी। इस संबंध में सुनील कुमार की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था।
बदमाशों की धरपकड़ के लिए सीओ रुड़की स्वप्न किशोर सिंह के नेतृत्व में एक पुलिस टीम बनाई गई थी। जिसमें गंगनहर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक जवाहर लाल सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। जिस नंबर से कॉल आई उसकी पड़ताल कराई गई।
काल डिटेल के आधार पर पुलिस ने हरिद्वार के हरिपुर स्थित एक मकान से अरुण राजपूत (निवासी आवास विकास, सीबी-88, काशीपुर) एवं तुषार चौहान (निवासी मोईदीनपुर थाना करनाल, हरियाणा हाल निवासी काशीपुर, ऊधमसिंह नगर) को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 315 बोर का तमंचा, एक कारतूस और एक चाकू बरामद किया गया है। इसके अलावा मोबाइल सिम का वह रेपर भी बरामद किया गया है जिससे फोन किया था। दोनों बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। इस मामले में संलिप्त कुछ अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।
एसएसपी ने बताया कि व्यवसायी को धमकी देने वाले अरुण राजपूत को कुख्यात सचिन खोखर से अज्जू सिद्दीकी (उर्फ अंजुम उर्फ अजहर निवासी नई बस्ती, चांद मस्जिद, जसपुर) ने मिलवाया था। अज्जू और अरुण में दोस्ती थी। अज्जू सचिन खोखर को जानता है। सचिन खोखर फिलहाल अल्मोड़ा जेल में बंद है। एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि सचिन खोखर ने ही अरुण राजपूत को कारोबारी मोहन अरोड़ा का नंबर दिया था और 50 लाख रुपये की चौथ मांगने के लिए कहा था। अरुण राजपूत ने इस काम में अपने दोस्त तुषार को भी साथ लिया।
बेरोजगारी ले आई अपराध की दुनिया में
व्यवसायी को धमकी देने वाले दोनों युवकों का इतिहास एकदम पाक साफ है। बेरोजगारी ने दोनों को अपराधी बना दिया। सचिन खोखर ने दोनों को प्रलोभन दिया था कि यदि वह कारोबारी को उसके नाम से धमकी देंगे तो वह उनकी अच्छी कंपनी में नौकरी लगवा देगा। इसके अलावा रुपये भी देगा।
अरुण कुमार राजपूत काशीपुर में ही साइबर कैफे चलाता था। लेकिन कमाई न होने के चलते वह पिछले छह माह से खाली बैठा हुआ था। अरुण कुमार राजपूत का परिवार अच्छा है। उसके तीन भाई हैं। लेकिन बेरोजगारी और अच्छी नौकरी के लालच में वह अज्जू के बहकावे में आकर सचिन खोखर के लिए काम करने के लिए राजी हो गया। इसी तरह से तुषार भी अच्छे परिवार से ताल्लुक रखता है। तुषार ने एमबीए किया हुआ है। एमबीए के बाद उसने एक प्राइवेट बैंक में नौकरी भी की। लेकिन पिछले छह माह से वह भी खाली है। दोनों को अच्छी नौकरी चाहिए थी। इसी वजह से उन लोगों ने अपराध का रास्ता चुन लिया। लेकिन अच्छी नौकरी के बजाए दोनों को जेल मिली।
खोखर से पुलिस हिरासत में होगी पूछताछ
व्यवसायी को धमकी देने के मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने सचिन खोखर का नाम लिया है। एसएसपी राजीव स्वरूप ने बताया कि मामले की पड़ताल चल रही है जो भी इससे जुड़े लोग होंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सचिन खोखर को पीसीआर (पुलिस कस्टडी रिमांड) लिया जाएगा। सचिन खोखर निवासी छपरौली बागपत, उत्तरप्रदेश, रुड़की उपकारगार के सामने हुए गैंगवार का आरोपी है। वह फिलहाल अल्मोड़ा जेल में बंद है।
पुलिस टीम को ढाई हजार का इनाम
एसएसपी हरिद्वार ने कारोबारी को धमकी देने वाले बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीम को ढाई हजार रुपये देने की घोषणा की है। पुलिस टीम में इंस्पेक्टर जवाहर लाल, एसएसआई रणवीर सिंह चौहान, एसओजी प्रभारी हरपाल सिंह, एसआई मदन मोहन भट्ट, एसआई संजीव चौहान, कांस्टेबल देवेंद्र ममगाईं, इसरार, अशोक, राजेश देवरानी, महिपाल सिंह, अजय, हरवीर, शेखर एवं अरविंद पयाल आदि के नाम शामिल हैं।