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पिटाई से नाराज बंदियों ने छोड़ा भोजन

Sun, 14 Aug 2016 07:43 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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गोरखपुर जेल - फोटो : amar ujala
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जेल में शनिवार की रात साथी की पिटाई से नाराज बंदियों ने भोजन छोड़ दिया। साथी की हालत गंभीर होने की बात कह उसे बुलाने की मांग करने लगे। जानकारी होने पर पहुंचे जेलर ने समझाकर बुझाकर शांत कराने के साथ ही बंदियों को भोजन कराया। मेडिकल कॉलेज में भर्ती घायल बंदी को रविवार की सुबह सिटी स्कैन के बाद छुट्टी दे दी गई।
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जौनपुर के केराकत, सरैया बुजुर्ग का रहने वाला जफर (20) एक पैर से विकलांग है। शाहपुर के एल्यूमिनियम फैक्ट्री के पास किराये पर कमरा लेकर रहता है। वह आर्केस्ट्रा में काम करता था। वर्ष 2014 में जीआरपी गोरखपुर ने लूट के एक मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जेल में उसे कच्चा बैरक (18 से 21 वर्ष बंदियों के रहने वाला बैरक) में रखा गया है। शनिवार की शाम जफर का बंदीरक्षक से विवाद हो गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद बंदीरक्षकों ने उसकी पिटाई कर दी जिसमें उसका सिर फट गया। जेल अस्पताल से उसे जिला अस्पताल लाया गया जहां से डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज भेज दिया था। रविवार की सुबह कच्चा बैरक के बंदियों ने जफर की पिटाई के विरोध में नाश्ता और भोजन का विरोध कर दिया।

जानकारी होने पर पहुंचे जेलर से वह जफर को देखने के बाद ही भोजन करने की जिद करने लगे। जेलर, डिप्टी जेलर और नंबरदार के समझाने और सुबह 9:30 बजे जफर के मेडिकल कॉलेज से जेल पहुंचने पर वह माने। घायल बंदी पर लूट, चोरी, छिनैती के 19 से ज्यादा मुकदमे दर्ज है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसके शर्मा ने कहा कि बंदियों ने न तो हंगामा किया था और न ही खाना छोड़ा था। जेल में सब कुछ सामान्य है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। गिरने के कारण जफर के सिर में चोट लगने की बात उन्होंने बताई। 
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