रुड़की बम विस्फोट मामले में पुलिस और खुफिया एजेंसियों के हाथ अहम सुराग लगे हैं। इसके बाद अब उम्मीद की किरण नजर आने लगी है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसी कैमरों की मदद से पुलिस ने छह संदिग्ध लोगों को चिह्नित किया है।
हालांकि, वीडियो फुटेज से तैयार तस्वीरें बहुत साफ नहीं हैं, लेकिन इसे अहम सुराग माना जा रहा है। उत्तराखंड के अलावा केंद्रीय खुफिया एजेंसी भी इस मामले की जांच में जुटी है।
वहीं, रुड़की और बिजनौर विस्फोट के तार जुड़े होने के साथ ही पाकिस्तानी नागरिक की संलिप्तता खारिज हो चुकी है। सूत्रों की मानें तो पुलिस संदिग्धों की तलाश में जुट गई है। यह लोग विस्फोट से एक-दो दिन पहले घटनास्थल के आसपास मौजूद थे और वीडियो फुटेज में इनकी गतिविधियां संदिग्ध नजर आ रही हैं।
साथ ही पुलिस घटनास्थल के आसपास सक्रिय रहे डेढ़ सौ से मोबाइल नंबरों का डाटा खंगाल चुकी है। लोकेशन के आधार पर कुछ नंबर शक के दायरे में हैं, जिनके सत्यापन का काम चल रहा है।
बिजनौर विस्फोट से नहीं जुड़े हैं तार!
पुलिस बिजनौर समेत वेस्ट यूपी में हुए विस्फोट के मामलों को भी खंगाला चुकी है। बिजनौर में 12 सितंबर को हुए विस्फोट के बाद तीन संदिग्ध आतंकी फरार हो गए थे, जिनकी तलाश में उत्तराखंड में भी चेकिंग अभियान चलाया गया था।
बिजनौर का विस्फोट घर के अंदर हुआ था, जबकि रुड़की का विस्फोट सड़क के बीच हुआ। वहां पर माचिस की काफी तिल्लियां मिली थी, लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं मिला है।
फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के आने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। अब तक की जांच में यह पाइप बम टाइप का लग रहा है। इसमें कील, बैरिंग और गन पाउडर की पुष्टि तो हो चुकी है, लेकिन केमिकल्स को लेकर संशय की स्थिति है।
- बीएस सिद्धू, डीजीपी
विस्फोट के मामले में कुछ जानकारियां मिली हैं, जिन्हें पुष्ट किया जा रहा है। अभी साफ तौर पर कुछ भी कहना मुश्किल है। प्रयास है कि जल्द से जल्द दोषियों को बेनकाब किया जाए।
- संजय गुंज्याल, डीआईजी
कार्रवाई की समीक्षा
रुड़की बम विस्फोट के मामले में डीजीपी बीएस सिद्धू ने आईजी इंटेलीजेंस गोपाल नाथ गोस्वामी और पुलिस अधिकारियों के साथ अब तक के इनपुट और कार्रवाई की समीक्षा की। केंद्रीय खुफिया एजेंसी के अधिकारियों ने भी पूरे घटनाक्रम पर डीजीपी से चर्चा की है।
आईएसआई एजेंट भी शक के दायरे में
पांच साल पूर्व बिजनौर में पकड़ा गया एक आईएसआई एजेंट आबिद भी शक के दायरे में है। इस समय वह जेल से बाहर है। रुड़की में ब्लास्ट में पुलिस ने उसे भी अपनी जांच के दायरे में शामिल किया है।
विस्फोट मामले में पुलिस ने सोमवार को रुड़की, कलियर, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर से करीब 20 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है। कलियर से 5 पांच लोगों को हिरासत में लिया गया। करीब 95 लोगों का कलियर में सत्यापन किया गया। इनसे पूछताछ हो रही है।
उधर, सैन्य क्षेत्र में संदिग्ध हालात में घूम रहा असम का एक युवक सोमवार को पकड़ा गया। युवक सेे सैन्य अधिकारियों ने कड़ी पूछताछ की। इसके बाद उसे रुड़की पुलिस के हवाले कर दिया गया। खुफिया और पुलिस विभाग के अधिकारी भी युवक से पूछताछ कर रहे है। सूत्रों के मुताबिक युवक खुद को कबाड़ी बता रहा है।
श्रद्धांजलि सभा में आने से संगीत सोम को रोका
सोमवार दोपहर तक चर्चा रही कि भाजपा के चर्चित विधायक संगीत सोम शनिवार को ब्लास्ट में मारे गए छात्र तुषार की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे। लेकिन ऐन मौके पर संगीत सोम को आने की अनुमति नहीं दी गई।
इस पर संगीत सोम ने शोक संदेश भिजवाकर अपनी संवेदना व्यक्त की। इससे पहले प्रशासन ने रविवार को भाजपा के दूसरे विधायक सुरेश राणा को भी अनुमति नहीं दी थी।