अमृतसर से बरौनी (बिहार) जाने वाली बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन में रविवार तड़के हथियारबंद बदमाशों ने करीब 50 यात्रियों को आतंकित कर जमकर लूटपाट की। सहारनपुर से रुड़की, लक्सर और नजीबाबाद स्टेशनों के बीच यह लूटपाट की गई।
इस दौरान ट्रेन लक्सर रेलवे स्टेशन पर रुकी, लेकिन बदमाशों ने एक भी यात्री को नीचे नहीं उतरने दिया। बाद में बदमाशों के फरार हो जाने पर पीड़ित यात्रियों ने नजीबाबाद रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर आपबीती सुनाई। वहां दो यात्रियों ने जीआरपी को चार बदमाशों के खिलाफ तहरीर दी है।
जानकारी के अनुसार, रविवार तड़के करीब तीन बजे अमृतसर से आ रही बरौनी एक्सप्रेस जैसे ही सहारनपुर से बाहर निकली तो सशस्त्र बदमाशों ने चौथे डिब्बे में घुसकर यात्रियों को हथियारों के बल पर धमकाना शुरू कर दिया। उस समय अधिकतर यात्री नींद में थे।
कुछ यात्रियों के साथ बदमाशों ने मारपीट की और उनकी जेब, बैग और सूटकेस आदि की तलाशी ली। बिहार के एक युवक ने विरोध करना चाहा तो उसकी कनपटी पर तमंचे की बट मार कर बदमाशों ने उसे घायल कर दिया।
25 से 30 साल की उम्र के थे बदमाश
बताया गया कि बदमाशों ने करीब 50 यात्रियों के साथ लूटपाट की। दो महिलाओं से सोने की चेन तथा घड़ी भी लूटने की बात सामने आई है। पहले तीन डिब्बों में लूटपाट की सूचना दी गई थी, लेकिन बाद में एक ही डिब्बे में लूट की पुष्टि हो सकी।
नजीबाबाद पहुंचकर कुशीनगर के बझौली बाजार निवासी सुरेंद्र मिश्रा और मधुबनी बिहार निवासी रामू ने लुटेरों के खिलाफ तहरीर दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि बदमाशों की संख्या चार थी और वे सभी 25 साल के आसपास की उम्र के थे।
लक्सर में कुछ देर के लिए ट्रेन रुकी थी, लेकिन बदमाशों ने इस दौरान किसी को भी नीचे नहीं उतरने दिया। इसके बाद वे लक्सर और नजीबाबाद के बीच कहीं चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। नजीबाबाद के जीआरपी चौकी प्रभारी विकास कुमार के अनुसार, घटना के संबंध में तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है।
लुट रहे थे यात्री, सो रही थी पुलिस
जिस समय बरौनी एक्सप्रेस में लूटपाट हो रही थी, उस समय ट्रेन की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी एक डिब्बे में सो रहे थे। यह आरोप पीड़ित यात्रियों ने नजीबाबाद पुलिस के सामने लगाया है। इस ट्रेन में सहारनपुर से जीआरपी का सुरक्षा गारद तैनात रहता है, जो बरेली तक जाता है।
पुलिस सूत्रों की मानें तो जब वे नजीबाबाद में शिकायत करने के लिए उतरे और इंजन के पीछे वाले डिब्बे में मौजूद पुलिसकर्मियों के पास पहुंचे तो वहां दो पुलिसकर्मी थे जो सो रहे थे।
सुरक्षा भगवान भरोसे
कई ट्रेनों की सुरक्षा भगवान भरोसे चल रही है। सहारनपुर-रुड़की रेलमार्ग पर प्रतिदिन करीब 64 गाड़ियों की आवाजाही होती है। देहरादून से सहारनपुर जाने वाली पैसेंजर रेलगाड़ी, दिल्ली- हरिद्वार पैसेंजर, दिल्ली-ऋषिकेश पैसेंजर रेलगाड़ियों में एक भी सिपाही तैनात नहीं रहता है।