आरोपी उसे बार बार पैसों का लालच देता था और दुराचार करता था। आरोपी युवक उनकी बेटी का रिश्ते का भाई लगता है। सूचना के कुछ देर बाद ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। जबकि बचाव पक्ष में एक भी गवाह प्रस्तुत नहीं किया गया।
शनिवार को न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दुराचार और पॉक्सो अधिनियम के तहत 14 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर अलग-अलग धाराओं में कुल 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।