देहरादून में हरिपुर के राहुल नेगी की हत्या इश्क के जुनून में की गई थी। पुलिस ने देर रात उसके दो दोस्तों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया।
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31 दिसंबर को नए वर्ष की पार्टी के बहाने शराब पिलाने के बाद आरोपियों ने पहले पत्थर मारकर उसे बेहोश किया था। बाद में कैंची से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। मंगलवार सुबह प्रेमनगर थाना क्षेत्र के बिधोली के पास खाई में नेगी का शव बरामद हुआ था।
पुलिस ने शक के आधार पर राहुल (20) के दो दोस्तों शुभम पंवार निवासी सेलाकुंई और अखिल रमोला निवासी धूलकोट को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि दोनों आरोपियों का एक ही युवती से प्रेम संबंध चल रहा है।
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राहुल ने उनकी प्रेमिका पर टिप्पणी कर दी तो वे बर्दाश्त नहीं कर पाए। डेढ़ माह पहले भी इसी मामले को लेकर दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, लेकिन बाद में फिर दोस्ती हो गई थी।
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वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पुष्पक ज्योति ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम पंवार का एक युवती से प्रेम संबंध चल रहा है। त्रिकोणीय प्रेमकहानी में दूसरा युवक भी फंसा था। राहुल ने जब सरेआम उनकी प्रेमिका पर टिप्पणी कर दी तो दोनों प्रेमी साथ आ गए थे।
डेढ़ माह पहले दोनों पक्षों में मारपीट हुई थी, लेकिन बाद में फिर दोस्ती हो गई थी। नव वर्ष मनाने के लिए 31 दिसंबर को हरिपुर में एक दोस्त के यहां पार्टी रखी गई। शराब पीने के बाद शुभम, अखिल रमोला और राहुल नेगी बाहर आ गए।
रास्ते में प्रेम-प्रसंग को लेकर फिर उनमें गरमा-गरमी हो गई। लड़ाई में राहुल भारी पड़ा तो शुभम ने पत्थर उठाकर राहुल के सिर पर मार दिया। इससे वह बेहोश होकर गिर गया।
एसएसपी ने बताया कि अखिल की बाइक से शुभम घर जाकर कैंची उठा लाया। बेहोशी की हालत में राहुल को बाइक के बीच में डालकर बिधोली ले आए, जहां पर कैंची से गोदकर उसकी हत्या कर शव खाई में फेंक दिया।
आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कैंची भी बरामद हो गई है। इस दौरान एसपी देहात मणिकांत मिश्रा, एसपी सिटी अजय सिंह, क्षेत्राधिकारी विकासनगर उपस्थित थे।
मारने का था नहीं इरादा
मुख्य आरोपी शुभम पंवार का कहना था कि राहुल को मारने की कोई योजना नहीं थी। नशे में हुए विवाद में राहुल ने पहले उसे थप्पड़ मारा और फिर अखिल को लात मार दी थी।
इस पर गुस्से में पत्थर उठाकर उसके सिर पर मार दिया था। राहुल के बेहोश होने से वह घबरा गए। उन्हें लगा कि मारकर लाश फेंक देंगे तो किसी को पता नहीं लगेगा।
पुलिस हिरासत में अखिल रमोला का कहना था कि यह सब कुछ नशे में हो गया। अब उन्हें दोस्त के कत्ल का गहरा दुख है।
परिजनों ने तीसरे दिन बताया पुलिस को बेटे राहुल नेगी की हत्या की खबर से परिवार में कोहराम मचा है। 31 दिसंबर की रात को राहुल ने नहीं लौटा तो परिजनाें को लगा कि नशे की वजह से वह घर नहीं आया है।
एक जनवरी को नहीं लौटा तो परिजन सोचते रहे कि डर की वजह रिश्तेदारी में चला गया है। सुराग न लगने पर तीन जनवरी को सहसपुर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
कत्ल के आरोप में पकड़े गए दोनों युवकों केपरिजन भी उनके इस कदम से सकते में हैं। कक्षा ग्यारह में पढ़ने वाले शुभम के पिता विक्रम सिंह गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान चलाते है।
धूलकोट के अखिल रमोला ने इंटर पास करने के बाद इस साल डीएवी में बीए प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, लेकिन दाखिला नहीं हो सका। उसके पिता भगवान रमोला कृषि विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।
पुलिस टीम को इनाम एसएसपी ने हत्याकांड का खुलासा करने वाली टीम में शामिल रहे सहसपुर एसओ यशपाल सिंह, प्रेमनगर एसओ रवि सैनी, दारोगा सुनील पंवार, रविन्द्र कुमार, ब्रजेश रावत, सुनील कुमार, राजबीर सिंह, मनोज कुमार, निकुल कुमार को ढाई हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।