यौन शोषण के आरोपी प्रदीप सांगवान को सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई। अदालत ने ज्वायलैंड वाटर पार्क के मालिक प्रदीप सांगवान को सात दिन के भीतर पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया है।
वह बिना अदालती अनुमति के देश से बाहर नहीं जा सकेगा। 18 अप्रैल 2014 को बिजनौर उत्तर प्रदेश निवासी युवती, जो सांगवान के सहस्त्रधारा स्थित वाटर पार्क ज्वायलैंड में कर्मचारी थी, ने सांगवान पर दुराचार और अश्लील क्लिपिंग बनाने का आरोप लगाकर मुकदमा दर्ज कराया था।
जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया
मामला दर्ज होने के बाद 87 दिन बाद आरोपी ने 14 जुलाई को न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में सरेंडर कर जमानत के लिए प्रार्थनापत्र दिया था। अदालत ने सांगवान को 23 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद सांगवान ने सेशन कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी।
शुक्रवार को याचिका पर हुई बहस में बचाव पक्ष के अधिवक्ता यशपाल पुंडीर ने कहा कि युवती की ओर से दर्ज रिपोर्ट की अंतिम लाइन में लिखा है कि वह वाटर पार्क ज्वायलैंड में ही रह रही है।
पुलिस ने वाटर पार्क के जिन छह कर्मचारियों के बयान लिए थे, उनमें से सभी ने बताया कि युवती वहां रहकर खुश थी। उसने कभी दुराचार जैसी कोई शिकायत नहीं की।
बचाव पक्ष ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में सांगवान और युवती दोनों के खिलाफ अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। दोनों सही कैसे हो सकते हैं? दलीलों से सहमत होकर सेशन कोर्ट ने सांगवान को जमानत दे दी।
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