27 अप्रैल की देर रात रायपुर थाने को सूचना दी गई कि आर्डनेंस फैक्ट्री के संयुक्त महाप्रबंधक राजेश रायपा के घर दो बच्चियों को बंधक बनाकर रखा गया है। एसओ प्रदीप राणा ने उच्चाधिकारियों को सूचना दी और शुक्रवार सुबह रायपा के घर पुलिस बल के साथ छापा मारा, तो यहां दो बच्चियां मिली।
इनमें से एक की उम्र नौ साल व दूसरे की 13 साल थी। दोनों ने खुद को सगी बहनें बताया और कहा कि वह काफी समय से यहां रहती है। पुलिस राजेश और दोनों बच्चियों को लेकर थाने ले आई। जहां सीओ डालनवाला हरबंस सिंह ने राजेश और बच्चियों से पूछताछ की।
राजेश के बयान से पुलिस में गहराया शक
Demo Pic
राजेश ने अपने बयान में कहा है कि दोनों बच्चियां पिथौरागढ़ के धारचूला के एक गरीब परिवार से हैं। वह परिवार को जानते हैं। इसलिए उन्हें अच्छी परवरिश देने के लिए यहां लाए हैं, ताकि यहां वह पढ़-लिख सकें। उन्होंने यह भी बताया कि छोटी बच्ची तीन-चार साल से रह रही है, जबकि बड़ी लड़की चार-पांच दिन पहले ही आई है। लेकिन छोटी बच्ची के किसी स्कूल में नाम लिखे होने की जानकारी अधिकारी देर शाम तक नहीं दे पाए।
उधर, बच्चियों के बयान बंद कमरे में महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में लिए। सूत्रों की मानें तो दोनों ने अधिकारी के घर में काम करने की बात स्वीकारी है। हालांकि, हकीकत का पता लगाने के लिए बच्चियों के माता-पिता को बुलाया गया है। एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने बताया कि मामले में एसपी सिटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ के बाद अधिकारी को छोड़ दिया गया है।