एमएमएस बवाल प्रकरण में पंचायत के दबाव में आखिरकार आरोपी को झुकना पड़ा। कई दिन की जद्दोजहद के बाद आरोपी ने बिरादरी के लंबरदारों की मौजूदगी में निकाह कर पीड़िता को अपनी बीवी के रूप में स्वीकार कर लिया।
निकाह की रस्म रात में पूरी करने के बाद दुल्हन की रुखसती हुई। ज्वालापुर कोतवाली के सराए और गाड़ो वाली गांव का एमएमएस विवाद काफी समय से मीडियां की सुर्खियां बना था।
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एमएमएस बनाकर सनसनी फैला दी
गाडो वाली के युवक ने सराए गांव की लड़की का एमएमएस बनाकर सनसनी फैला दी थी। मुकदमा दर्ज हुआ तो आरोपी को जेल जाना पड़ा। जमानत पर बाहर आया तो इज्जत का वास्ता देकर दोनों पक्षों ने उनका निकाह करने की हॉमी भर ली थी।
निकाह के लिए 20 अक्तूबर की तारीख मुकर्रर हुई। दुल्हन पक्ष पलके बिछाएं रहा, लेकिन दुल्हा बारात लेकर नहीं पहुंचा। लड़की पक्ष के लोगों ने आरोपी पर अतिरिक्त दहेज मांगने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी।
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चट मंगनी पट ब्याह का निर्णय
इसके बाद फिर पंचायतों का दौरु शुरूहुआ। कई दिन की माथापच्ची के बाद चट मंगनी पट ब्याह का निर्णय लिया गया। बृहस्पतिवार रात को सराय गांव में उनके निकाह की रस्म पूरी की गई।
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दोनों परिवारों के लोग गिलवे-शिकवे दूर कर एक दूसरे के गले मिले। धार्मिक लिहाज से तमाम रस्में अदा करने के बाद दुल्हन को रुखसत किया गया।