नोएडा से चल रहे तीन राज्यों के संयुक्त अभियान ‘आपरेशन भूरा’ को पहली कामयाबी मिली है। भूरा के एक साथी को पुलिस ने दबोच लिया है। विशेष कार्य बल (एसटीएफ) देर रात तक युवक से पूछताछ कर रही थी।
बागपत से फरार हुए कुख्यात अपराधी भूरा तक पहुंचने के लिए पुलिस उसके नजदीकियों पर नजर रखे हुए है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि भूरा के साथ लंबे समय तक जेल में रहे एक बदमाश के दिल्ली में मौजूद होने की जानकारी मुखबिर से मिली थी।
उत्तराखंड पुलिस ने जाल बिछाकर बृहस्पतिवार देर शाम उसे दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक उत्तराखंड विशेष कार्य बल की टीम दिल्ली में ही इस बदमाश को ले गई है। वहां उससे पूछताछ कर भूरा का सुराग तलाशने की कोशिश चल रही है। हालांकि, दून में पुलिस अधिकारी किसी बदमाश के पकड़े जाने की जानकारी न होने की बात कह रहे हैं।
कोई बदमाश दस लाख का इनामी नहीं
दस लाख की घोषणा के बाद बदमाश अमित उर्फ भूरा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश का नंबर एक इनामी बदमाश हो गया है। आतंकवादियों को छोड़ किसी भी राज्य के अपराधी पर इतना इनाम घोषित नहीं हुआ है।
उत्तर प्रदेश में अपराधियों की लंबी फौज रही है। आतंक के पर्याय रहे श्रीप्रकाश शुक्ला, सुशील मूंछ, नफीस अंसारी, संजीव जीवा, विक्की त्यागी, सुनील राठी, राहुल खट्टर, विनोद बावला पर भी जघन्य वारदातों के बावजूद एक से दो लाख रुपये तक इनाम रहा। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा आदि राज्यों में भी किसी पर इतना इनाम नहीं हुआ। पुलिस सूत्र बताते हैं कि देश के अन्य राज्यों में भी आतंकवादियों पर ही दस लाख का इनाम घोषित किया गया है।
उत्तराखंड में भी पहली बार किसी अपराधी पर पांच लाख इनाम घोषित हुआ है। प्रदेश में अब तक सर्वाधिक इनाम एक लाख रुपये ही था। कुछ वर्ष पूर्व बदरीनाथ में हुई एक हत्या में शामिल सुरेश शर्मा पर इतनी रकम घोषित की गई थी। इसके बाद इतना ही इनाम बागपत में फरारी के बाद भूरा पर घोषित हुआ, लेकिन अब यह रकम पांच लाख कर दी गई है। यूपी में भी पांच लाख की घोषणा के बाद वह दस लाख का इनामी बनकर इस लिहाज से नंबर एक बदमाश हो गया है।