देहरादून में ओएनजीसी अधिकारी की पत्नी से सवा करोड़ ऐंठने वाले नाइजीरियन ठग केविन ब्राउन को एसटीएफ सलाखों के पीछे पहुंचा चुकी है, लेकिन उसके कालेचिट्ठे का हिसाब किताब अभी बाकी है।
प्राथमिक छानबीन में खुलासा हुआ है कि उसने देशभर में कई लोगों से मोटी रकम ऐंठी है। बैंक खाते खुलवाते हुए दिए गए तमाम मोबाइल नंबर स्विच ऑफ आ रहे हैं। एसटीएफ अब बैंकों में जाकर जांच पड़ताल करेगी।
एसटीएफ केविन को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है, ताकि अनसुलझे सवालों के जवाब मिल सके। एसटीएफ अभी केविन का लैपटॉप भी बरामद नहीं कर पाई है। यह जांच में काफी मददगार साबित हो सकता है।
पुलिस के रिमांड प्रार्थना पत्र पर कोर्ट में दो दिसंबर को सुनवाई होगी। उधर, केविन के 47 बैंक खातों की जांच शुरू हो गई है। खातों में देश के तमाम हिस्सों से 20 हजार से लेकर दो लाख रुपए तक की एंट्री है।
कुछ अनसुलझे सवाल
- गिरोह कितने लोगों को बना चुका है शिकार
- नेटवर्क में कुल कितने लोग कर रहे हैं काम
- सभी नाइजीरियन है या फिर भारतीय भी हैं
- खाते खुलवाने के लिए फर्जी आईडी कैसे जुटाई गई
- लोगों से वसूली गई मोटी रकम कहां गई
ऋषिकेश के व्यापारी से ठगे 19 लाख
नाइजीरियन नागरिक की गिरफ्तारी के बाद ऐसी ही जालसाजी का शिकार हुए लोगों ने एसटीएफ से संपर्क साधना शुरू कर दिया है।
ऋषिकेश का एक व्यापारी इस तरह 19 लाख रुपए गंवा चुका है। एसटीएफ के एसपी सदानंद दाते ने बताया कि कई लोगों ने शिकायत की है, उन पर काम किया जाएगा।
नाइजीरियन गिरोह के नेटवर्क को तार-तार करने में समय जरूर लगेगा, लेकिन
एसटीएफ कोई कसर नहीं छोडे़गी। रिमांड पर पूछताछ के साथ कोलकाता, दिल्ली और
इलाहाबाद में टीम खातों की जांच के लिए जाएगी।
- सदानंद दाते, एसपी एसटीएफ