अपर सचिव जेपी जोशी को ब्लैकमेल करने के आरोपी नीरज चौहान को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
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हालांकि, पुलिस ने पांच दिन की रिमांड मांगी थी। एसीजेएम प्रथम गजन देवी की अदालत ने नीरज की जमानत अर्जी भी खारिज कर दी है।
नीरज से होगी पूछताछ
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी जेएस बिष्ट ने कहा कि नीरज से पूछताछ में कई अहम सुराग हाथ लग सकते हैं।
इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल थे, अश्लील वीडियो बनाने के लिए इस्तेमाल हुए कैमरे और सीडी की बरामदगी के लिए नीरज से पूछताछ जरूरी है।
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बचाव पक्ष ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि नीरज सपा के अधिकृत प्रत्याशी हैं, जिन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। नीरज ने केवल न्यूज चैनल के हेड से पीड़िता को मिलाकर उसकी मदद की है।
नीरज का एफआईआर में नाम नहीं है। बचाव पक्ष के वकील रॉबिन राणा ने कहा कि जिन तीन मोबाइल नंबरों से जेपी जोशी को धमकी की बात कही गई है, उनमें से दो सिम पीड़िता के पते पर दर्ज हैं। जबकि तीसरा मोबाइल शोएब नाम के व्यक्ति का है।
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बचाव पक्ष ने कोर्ट में तीनों मोबाइलों के सिम कार्ड की आईडी प्रस्तुत की। अदालत ने बचाव पक्ष के तर्क खारिज करते हुए नीरज को पुलिस रिमांड में भेजने का आदेश दिया।
उधर, पुलिस ने नीरज के खिलाफ धारा 67 ए आईटी एक्ट (अश्लील सीडी बनाकर उसे वितरित एवं प्रसारित करना) बढ़ा दी है।