नाजायज संबंधों के शक में पत्नी को जिंदा जलाने वाले आरोपी को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है।
दोषी के चार बच्चे हैं, जिसे देखते हुए अदालत ने नरम रुख अपनाया है। अदालत ने कहा कि अगर दोषी को कड़ी सजा दी जाती है, तो बच्चे एकदम अकेले रह जाएंगे।
दिल्ली में रोहिणी जिला अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. कामिनी लाउ ने आरोपी माया दीन को पत्नी मंजू को जिंदा जलाने का दोषी ठहराया। माया दीन पर दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया।
अदालत ने मंजू के मृत्यु पूर्व बयान व अभियोजन पक्ष के अन्य सबूतों को आधार बनाते हुए फैसला सुनाया। मंजू ने कहा था कि उसके पति ने उसे मिट्टी का तेल डालकर जलाया है।
अदालत ने कहा कि माया दीन नरमी का हकदार नहीं है लेकिन अगर उसे कड़ी सजा दी जाती है तो यह उसके बच्चों के साथ बड़ी नाइंसाफी होगी। इनमें से दो लड़कियां हैं जिनकी आयु छह व चार साल है। ऐसे मामलों में न्याय से छेड़छाड़ करनी पड़ती है।
अभियोजन के मुताबिक दिल्ली के पीतम पुरा निवासी माया दीन ने 29 नवंबर, 2012 को मंजू को जला दिया था।