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नानकमत्ता मर्डर केसः मां-बाप ने खोले अहम राज

Sun, 21 Sep 2014 12:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सितारगंज (ऊधमसिंह नगर)
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नानकमत्ता थाने में हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने पहुंचे परिजनों ने डॉक्टर एचपी सिंह को ही कातिल बताया है। निशा शर्मा की मां कलावती ने कहा कि एचपी सिंह उसकी बेटी और विजय को जबरन बनबसा के धस्माना अस्पताल लेकर आया था।
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शनिवार को थाने में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कलावती ने कहा कि पांच सितंबर को जब वह बनबसा के धस्माना अस्पताल पहुंचीं और अस्पताल के मालिक आशीष धस्माना की पत्नी से अपने बच्चों के बारे में जानना चाहा। लेकिन धस्माना की पत्नी ने उनके बारे में कुछ नहीं बताया।

कलावती के अनुसार जब उसने पूछा कि उसकी बेटी कहां है ? और कैसे उससे बात होगी? क्या उसका कोई मोबाइल नंबर मिलेगा? इन्हीं सब प्रश्नों के बीच धस्माना की पत्नी घबरा उठी और हड़बड़ाहट में उसने कहा कि वे कभी नहीं आएंगे और न ही कभी उनका नंबर लगेगा। इस पर निशा की मां कलावती और पिता पोशाकी लाल का माथा ठनक गया। कलावती अस्पताल में ही रोने लगी।
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काफी मिन्नत के बाद धस्माना की पत्नी ने उसे मोबाइल नंबर दिया। नंबर लिखते वक्त उसके हाथ कांपने लगे और वह भी निशा की बेटी को देखकर रो पड़ी। उस दौरान अस्पताल में न तो डा. एचपी सिंह था और न ही आशीष धस्माना। कलावती ने कहा कि निशा जब भी घर आती थी तो उसे एचपी सिंह अपनी गाड़ी से लाता था और साथ ले जाता था। एचपी सिंह निशा को जबरन बनबसा लेकर आया था। उसी ने ही उसकी बेटी और विजय की हत्या की है।

हत्याकांड के खुलासे को सड़क पर उतरे व्यापारी

उत्तराखंड के नानकमत्ता में डबल मर्डर केस में 14 दिन बीतने के बावजूद हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने पर भड़के परिजन और देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों ने जुलूस निकाला और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।

उन्होंने एसओ अरुण कुमार का घेराव कर डीजीपी और एसएसपी को संबोधित ज्ञापन सौंपे। इसमें कहा गया कि हत्यारोपी के खिलाफ नामजद तहरीर के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग की। चेतावनी दी कि यदि पांच दिन के भीतर खुलासा नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करेंगे।

थाने में देवभूमि व्यापार मंडल के जिला उपाध्यक्ष डा. देवेंद्र सिंह ने कहा कि नानकमत्ता धार्मिक नगरी है। 8 सितंबर को नानकसागर डैम के किनारे सिर, हाथ और पैर कटी लाशों के मामले में 16 सितंबर को शिनाख्त होने के बावजूद हत्यारे अभी तक नहीं पकड़े गए हैं।

हत्यारोपी को हिरासत में लेने के बाद भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने डबल मर्डर केस का पांच दिन के भीतर खुलासा करने, सीबीआई जांच कराने, नानकसागर डैम पर 24 घंटे पुलिस ड्यूटी लगाने आदि की मांग की। धमकी दी कि अगर पांच दिन में खुलासा नहीं किया तो व्यापारी और अन्य लोग धरना प्रदर्शन करेंगे।

एसओ अरुण ने कहा कि हत्या कहीं और की गई और शव नानकसागर डैम पर फेंके गए हैं। पुलिस खुलासे के लिए प्रयास कर रही है। अपराधी कोई भी हो, किसी भी हाल में नहीं बचेगा। ठोस सबूत मिलते ही अपराधी जेल जाएंगे।

हमारी तरह हत्यारोपियों का परिवार भी भटके

डबल मर्डर केस में इंसाफ की गुहार लगा रहे निशा शर्मा उर्फ रेखा और विजय पाल गंगवार के परिजनों का दर्द आखिर जुबां पर आ गया। मीडिया कर्मियों के सामने निशा की मां कलावती और विजय की पत्नी प्रेम कुमारी फफक पड़ीं।

रुंधे गले से कलावती ने कहा कि जिस तरह वह भटक रही है, उसी तरह हत्यारोपियों का परिवार भी भटके। वहीं, प्रेम कुमारी ने कहा कि उसके पति के हत्यारों को सख्त सजा मिले।

विजय की मां कलावती का कहना था कि निशा का कोई भाई नहीं है। तीन साल पहले विजय की निशा से मुलाकात हुई थी। विजय ने निशा को अपनी बहन बनाया था। वहीं, निशा भी उसे अपना भाई मानती थी। निशा पिछले तीन सालों से विजय को राखी बांध रही थी।

इस बार भी रक्षाबंधन पर विजय घर आया था और निशा ने उसे राखी बांधीं। दोनों की हत्या के बाद जब शव मिले तो उस दौरान विजय की कलाई में राखी भी बंधी थी। निशा और विजय को याद करते वक्त कलावती की आंखें भर आईं और वह फफक पड़ी। उसने कहा कि जिस तरह आज निशा की बेटी के सिर से उसकी मां का साया हट गया है और परिवार भी भटक रहा है। उसी तरह, हत्यारोपियों का परिवार भी भटके।

मृतक विजय गंगवार की पत्नी प्रेम कुमारी ने कहा कि उसका विजय से कोई झगड़ा नहीं हुआ। 29 अगस्त को वह घर आए थे और अगले दिन बनबसा वापस चले गए। कहा कि उसके पति के हत्यारों को सजा मिलनी चाहिए। विजय की सास कमला देवी ने भी हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
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हंसमुख और मिलनसार था विजय

विजय के तहेरे भाई घंघोरी-घंघोरा निवासी भरत सिंह पटेल ने बताया कि मृतक विजय पाल गंगवार हंसमुख और मिलनसार था। उसने और विजय ने मजउआ गांव के सरस्वती विद्या मंदिर स्कूल से पांचवीं, आदर्श निकेतन इंटर कालेज से 10वीं तक शिक्षा ग्रहण की थी और बीती श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अंतिम बार दोनों मिले थे।

पुलिस के हाथ लगे कुछ अहम सुराग : एसएसपी
एसएसपी रिद्धिम अग्रवाल का क हना है कि केस में बनबसा स्थित धस्माना अस्पताल में हुई जांच के बाद पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं। डा.धस्माना और हरपाल की छह सितंबर की दिनभर की लोकेशन और उस दिन की गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

एसएसपी ने बताया कि जांच के दौरान पूछताछ में पता चला कि छह सितंबर को विजय और निशा अस्पताल के मेडिकल स्टोर में बैठे कर्मी से रुपए लेकर चले गए।

उसके बाद अस्पताल परिसर में ही डा.हरपाल की निशा से बात भी हुई थी। उसके आगे क्या हुआ, पुलिस जांच कर रही है। फिलहाल डा.धस्माना और डा.हरपाल सहित एक दर्जन से अधिक लोगों को पूछताछ की जा रही है। एसएसपी ने बताया कि जांच में पता चला कि दोनों मृतकों के 26 अगस्त को मोबाइल स्वीच ऑफ हो गए थे।

इसके बाद उन्होंने नए नबंर लिए। जिनकी जांच की जा रही है। यहीं नहीं मृतका निशा और डा.हरपाल के बीच दिन में कई बार मोबाइल पर बात होने और उनके बीच कथित संबंधों की भी पुष्टि हुई।  एसएसपी ने कहा कि मृतकों के परिजन पुलिस पर विश्वास रखें। शीघ्र ही मामले की तह में जाकर हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। उन्होंने अफवाहों में ध्यान न देने की भी अपील की है।
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