देहरादून के प्रेमनगर से लापता परिवार के तीन सदस्यों समेत चार लोगों में से एक आठ साल के बालक का शव बुधवार को ऊधमसिंह नगर के सितारगंज इलाके के जंगल में पड़ा मिला। बच्चे की हत्या गोली मारकर की गई है।
बालक का शव मिलने के बाद पिता, दादी और कार चालक के सुरक्षित होने को लेकर परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिवार 27 नवंबर को बहू देखने के लिए रुद्रपुर जाते समय लापता हो गया था।
बाद में यूपी के बिलासपुर इलाके में कार लावारिस हालत में बरामद हुई थी। इसके बाद से ही अनहोनी की आशंका जताई जा रही थी।
शादी के लिए लड़की देखने गए थे परिवार के तीन सदस्य
प्रेमनगर के श्यामपुर निवासी राजेंद्र जोशी उर्फ राजू (30) अपनी मां कमला (52) और बेटे भास्कर (8) के साथ अपने लिए लड़की देखने 27 नवंबर को कार से रुद्रपुर गये थे। उनके साथ चौथा शख्स कारचालक था।
राजू का पहली पत्नी से तलाक हो चुका था। उससे एक बेटा भास्कर था, जो राजू के साथ ही रहता था। 28 नवंबर को उनकी कार यूपी केरामपुर जिले के विलासपुर इलाके में लावारिस हाल में मिली थी।
मंगलवार को प्रेमनगर पुलिस ने जीरो अपराध संख्या में परिवार के अपहरण का मुकदमा दर्ज कर विवेचना रामपुर जिले के विलासपुर थाने को भेज दी थी। इसके बाद बुधवार को राजेंद्र के भाई ने एसएसपी सदानंद दाते से मिलकर हत्या की आशंका जताई थी।
बच्चे की लाश मिलने से पुलिस में हड़कंप
इसी बीच लापता राजेंद्र के बेटे भास्कर का शव ऊधमसिंह नगर के सितारगंज इलाके में मिलने से पुलिस में अफरातफरी मच गई। बालक को मारकर फेंका गया था।
ऐसे में राजेंद्र, उसकी मां और कार चालक के जीवित मिलने की उम्मीद भी अब कम हो गई है। लिहाजा ऊधमसिंह नगर पुलिस ने इलाके में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि बालक की लाश मिलने के बाद मामला गंभीर हो गया है। यूपी के रामपुर और ऊधमसिंह नगर पुलिस से तालमेल बनाकर हत्या के कारणों को तलाशा जा रहा है।