मेरठ के कारोबारी मनोज गुप्ता के अपहरण में शामिल रहे पांच हजार रुपये के इनामी मोनू त्यागी उर्फ सचिन को पुलिस ने मंगलवार को कचहरी परिसर से उठा लिया। आरोपी पुलिस से बचकर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की तैयारी में था।
इस दौरान धक्कामुक्की के साथ जमकर हंगामा भी हुआ। खींचतान में त्यागी को चोटें भी आईं। तीसरे पहर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। अपहरण के मास्टर माइंड विनय त्यागी उर्फ टिंकू समेत नौ साथियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
मेरठ के बुढ़ाना गेट कारोबारी मनोज गुप्ता का 18 फरवरी 2016 की देर रात प्रेमनगर स्थित डूंगा फार्म हाउस से अपहरण कर लिया गया था। वेस्ट यूपी के शातिर अपराधी विनय त्यागी उर्फ टिंकू ने गुप्ता को जाल में फंसाने के लिए अपनी करीबी ममता मसीह का सहारा लिया था। ममता कारोबारी गुप्ता को घूमने के बहाने फार्म हाउस पर लेकर आई, जहां से एक करोड़ की फिरौती के लिए गुप्ता का अपहरण कर लिया गया था।
दून पुलिस ने दो दिन बाद गुप्ता को गढ़ क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया था। पुलिस ने अंबुज त्यागी निवासी रामपुरी और विकास कुमार निवासी मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया था। करीब एक माह पहले पुलिस ने मास्टर माइंड विनय त्यागी को भी मेरठ से गिरफ्तार कर लिया था। ममता मसीह निवासी उज्जैन, विकास त्यागी निवासी मेरठ मनोज कुमार निवासी सिविल लाइंस, केशव शर्मा निवासी मुरादाबाद, भूदेव उर्फ भूरा निवासी हसनपुर कलां मुरादाबाद, जयदेव उर्फ पिंटू निवासी मोदीनगर गाजियाबाद को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस को खबर थी कि सोमवार को मोनू त्यागी देहरादून की कोर्ट में आत्ममसमर्पण करने की तैयारी में है। सुबह से ही एसओ प्रेमनगर नरेश राठौड़, रमेश चंद जयाडा, कांस्टेबल चमन कुमार, जगजीत सिंह को कचहरी के आसपास लगाया गया था। जैसे ही मोनू त्यागी आया, पुलिस ने उसे पकड़ने का प्रयास किया तो वह विरोध पर उतर आया। मोनू के करीबियों ने पुलिस के साथ धक्कामुक्की की। हंगामे के बीच पुलिस वांछित मोनू को उठाकर अपने साथ ले गई।
धक्कामुक्की में मोनू को चोटें भी आईं। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि अपहरण कांड में मोनू त्यागी निवासी कुआं हेड़ी मंगलौर फरार चल रहा था, जिस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित था। खबर थी कि सोमवार को मोनू त्यागी आत्ममसमर्पण करने की तैयारी में है, उससे पहले ही आरोपी को दबोच लिया गया। मोनू शातिर विनय त्यागी का दाहिना हाथ है, जिसके खिलाफ हरिद्वार और रुड़की में पहले से ही आपराधिक मामले पंजीकृत हैं।