फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपर सचिव यौन शोषण प्रकरणः पीड़िता को खतरा

Mon, 25 Nov 2013 08:47 AM IST
अमर उजाला, नई दिल्ली/देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवती के यौन शोषण के आरोप में फंसे उत्तराखंड के अपर सचिव जेपी जोशी से पीड़िता ने जान का खतरा बताया है। रविवार को उत्तराखंड पुलिस दिल्ली के पांडव नगर थाने पहुंची।
विज्ञापन


युवती के बयान का रिकॉर्ड लेकर वापस लौटी पुलिस
यहां पीड़िता से पूछताछ का प्रयास किया, लेकिन युवती ने बात करने से इंकार कर दिया। देर शाम उत्तराखंड पुलिस एफआईआर की कापी और मजिस्ट्रेट के सामने दिया गया युवती के बयान का रिकॉर्ड लेकर वापस लौट गई।

रविवार दोपहर को प्रेस क्लब में मीडिया से बातचीत के दौरान पीड़िता ने कहा कि उत्तराखंड में जान का खतरा होने व सुनवाई न होने की वजह से वह शिकायत लेकर दिल्ली आई थीं।
विज्ञापन


उन्होंने दिल्ली पुलिस को धन्यवाद देते हुए कहा कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच करते हुए शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया।

उत्तराखंड सरकार से न्याय और सुरक्षा की गुहार
इस बीच उन्होंने उत्तराखंड सरकार से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई। पीड़िता ने यह भी कहा कि वह उत्तराखंड पुलिस की जांच में तब शामिल होंगी, जब उन्हें सुरक्षा की गारंटी मिलेगी।

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उत्तराखंड पुलिस की पांच सदस्यीय टीम आई थी, जिसमें दो महिला पुलिसकर्मियों के अलावा सीओ हरीश सती शामिल थे।

दिल्ली से टीम के लौटने पर कोतवाली थाने में केस दर्ज होगा। इस मामले की जांच महिला सेल की इंचार्ज एडिशनल एसपी ममता बोरा करेंगी। संभावना है कि सोमवार से मामले की जांच शुरू हो जाएगी। सूत्रों के अनुसार युवती ने देहरादून में दर्ज मुकदमे के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की बात भी कही है।

राज्य में कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
विज्ञापन

- विजय बहुगुणा, मुख्यमंत्री
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें