सीबीआई ने 100 करोड़ रुपए से अधिक के लोन वितरण के एक मामले में कथित तौर पर रिश्वत लेने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के एक उप प्रबंध निदेशक, एक पूर्व सहायक महाप्रबंधक और एक व्यवसायी के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई में आर्थिक अपराध शाखा की एक टीम ने उप प्रबंध निदेशक श्यामल आचार्य, पूर्व सहायक महाप्रबंधक केके कुमराह और व्यवसायी पीयूष गोयल के खिलाफ मामला दर्ज करवाया।
आचार्य बैंक के मिड-कारपोरेट विंग के प्रमुख भी हैं। एसबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि बैंक स्थिति की समीक्षा कर रहा है और पूरी सच्चाई जानने के बाद ही कोई प्रतिक्रिया दी जाएगी।
सीबीआई के सूत्रों ने बताया कि गोयल अपनी कंपनी के लिए एसबीआई से 100 करोड़ रुपये से अधिक का लोन चाहते थे, तभी उनकी मुलाकात कुमराह से हुई। कुमराह ने उन्हें आश्वस्त किया कि बैंक में उनकी पहुंच है और वे लोन मंजूर करवा देंगे।
कुमराह ने अपने लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये और आचार्य के लिए मोटी रिश्वत की मांग की। इस षड्यंत्र के बारे में एजेंसी को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर एक टीम ने इन्हें पकड़ने के लिए जाल बिछाया और जांच-पड़ताल की।
इसके बाद कुमराह को पैसे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। सीबीआई की टीम ने आचार्य, कुमराह और गोयल की मुंबई और कोलकाता स्थित घरों की भी तलाशी ली।