बेरहमी से मौत की नींद सुला दी गई हरिद्वार के पथरी क्षेत्र की हत्या को बुधवार को एक बरस पूरा हो गया। लेकिन एक साल बीतने के बाद भी पुलिस कातिलों तक नहीं पहुंच पाई है।
रेप के बाद हुई हत्या
सात जनवरी 2013 को हांड़ कंपा देने वाली ठंड में पथरी क्षेत्र के एक गांव में सातवीं की छात्रा की दुराचार के बाद हत्या की खबर ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया था। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ एसटीएफ एवं एसओजी आज तक आरोपियों तक नहीं पहुंच पाई है।
केवल वैज्ञानिक पद्धति से केस के खुलासे की उम्मीद जगी थी लेकिन पुलिस के हाथ नाकामी आई है। पुलिस की रडार पर आए संदिग्धों में से एक का भी डीएनए कातिल के डीएनए से मेल नहीं खाया।
बदल गए दो एसएसपी
इस एक साल में दो एसएसपी भी बदल गए। लेकिन छात्रा से दुराचार-हत्याकांड की पहेली नहीं सुलझी। प्रदेश सरकार की सिफारिश पर केस की गुत्थी सुलझाने में सीबीआई जुट गई है।
सीबीआई की लखनऊ शाखा ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर हत्याकांड से जुडे़ दस्तावेज कब्जे में ले लिए हैं। उधर, रह-रह कर परिजन के जेहन में कातिल के गिरफ्त में न आने की टीस बरकरार है।