उत्तराखंड में अवैध खनन करने वाले माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। बुधवार को खनन माफिया ने अपने समर्थकों के साथ कोतवाली में ही रेंजर और डिप्टी रेंजर की जमकर पिटाई कर दी।
पुलिस कर्मियों ने किसी तरह वन विभाग के अधिकारियों को छुड़ाया। पुलिस ने मामले में युवक कांग्रेस के प्रदेश सचिव प्रवेश रावत समेत 40-50 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
रात में भी की थी मारपीट की कोशिश
जानकारी के अनुसार डिप्टी रेंजर दीपक रावत, दैनिक कर्मी नरेंद्र सिंह और वाहन चालक राकेश सिंह मंगलवार की रात लीसा डिपो पनियाली मार्ग पर गश्त कर रहे थे।
इस बीच बाइक सवार संदीप रावत निवासी मवाकोट और एक मारुति कार में सवार चार लोग उनका पीछा करने लगे। सुखरौ नदी में मारुति रुक गई। बाइक सवार ने वन मोटर मार्ग पर वन विभाग के वाहन के आगे बाइक खड़ी कर दी।
वन कर्मियों ने उससे रात में वन क्षेत्र में घूमने का कारण पूछा तो वह मारपीट पर उतारू हो गया।
कांग्रेस कार्यकर्ता भी थे शामिल
बुधवार को रेंजर और डिप्टी रेंजर इसी मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे थे। इसकी भनक खनन माफिया को भी लग गई और वह अपने समर्थकों के साथ कोतवाली पहुंचकर हंगामा करने लगे।
कांग्रेस कार्यकर्ता भी उनके साथ शामिल हो गए और हंगामा बढ़ गया। इसी दौरान कुछ लोगों ने वहां बैठे रेंजर एसपी कंडवाल और डिप्टी रेंजर दीपक रावत के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिस ने वन अधिकारियों को भीड़ से किसी तरह छुड़वाया और थाने के एक कमरे में बंद कर दिया।
मुकदमा दर्ज
सूचना पर कोतवाल अनिल जोशी कोतवाली पहुंच गए। उपनिरीक्षक मुकेश डिमरी ने कोतवाली में हंगामा और अधिकारियों से मारपीट करने के मामले में आईपीसी की धारा 147, 323, 504, 506, 353, 332 और 160 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया।
दोनों पक्षों ने दर्ज कराया मुकदमा
रेंजर एसपी कंडवाल की ओर से भी संदीप रावत के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी गई है। तहरीर में मंगलवार रात में वन कर्मियों को गश्त के दौरान जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
दूसरी तरफ मवाकोट निवासी संदीप रावत ने भी पुलिस को तहरीर दी है। तहरीर में रेंजर एसपी कंडवाल और अन्य कर्मचारियों पर मारपीट करने और बंदूक तानने का आरोप लगाया गया है।