विजिलेंस ने मानचित्र वाद का निस्तारण करने के नाम पर सुपरवाइजर के सहारे एक लाख की रिश्वत लेने के मामले में फरार एमडीडीए के सहायक अभियंता टीपी नौटियाल को मंगलवार को झाझरा से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसका चालान कर जेल भेज दिया। नौटियाल की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका सोमवार को हाईकोर्ट से खारिज हो गई थी।
रिश्वत मामले में था वांछित
विजिलेंस टीम ने माजरा निवासी लक्ष्मीचंद की शिकायत पर तीन फरवरी को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के सुपरवाइजर अजय कुमार को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा था। विवेचना के दौरान पता चला कि सुपरवाइजर अजय कुमार सहायक अभियंता (एई) टीपी नौटियाल के कहने पर यह रकम लेने आया था।
विजिलेंस ने नौटियाल को वांछित कर दबिश दी, लेकिन वह फरार हो गया। विजिलेंस ने एमडीडीए के इन दोनों अधिकारियों के घरों से काफी संपत्ति का ब्योरा मिलने के बाद आय से अधिक संपत्ति का मामला भी दर्ज किया था। इसी बीच एई नौटियाल ने हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए याचिका दायर कर दी।
20 हजार का इनाम था घोषित
विजिलेंस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। सोमवार को याचिका खारिज होने के बाद विजिलेंस ने अपना शिकंजा कस दिया था।
विजिलेंस के निदेशक अशोक कुमार ने बताया कि मंगलवार को खबर मिली थी कि वांछित एई नौटियाल अपने चार साथियों के साथ हिमाचल प्रदेश की तरफ से आ रहा है। विजिलेंस टीम के निरीक्षक जयमल सिंह नेगी ने प्रेमनगर की झाझरा पुलिस की मदद से नौटियाल को गिरफ्तार कर लिया। बाद में उसे विजिलेंस मुख्यालय लाकर चालान कर दिया गया। निदेशक ने विजिलेंस टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
लोकेशन बदलता रहा एई
रिश्वत मामले में वांछित होने के बाद से टीपी नौटियाल लगातार लोकेशन बदलता रहा। एडीजी अशोक कुमार ने बताया कि उत्तरकाशी के पुरोला, हिमाचल और हरियाणा तक उसकी लोकेशन ट्रेस होती रही। विजिलेंस टीम भी लगातार उसका पीछा करती रही।