संपत्ति के विवाद में हत्या के दोषी डोईवाला के सब बस्ती निवासी मनजीत ने जब उम्रकैद की सजा सुनी तो सदमे में मौत हो गई। अदालत ने मनजीत, उसके दामाद और बेटी को भी उम्रकैद व 11500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार खुड़बुड़ा देहरादून निवासी इंद्रजीत सिंह के पोते डौली उर्फ हरविंदर, उसकी पत्नी रेखा और हरिवंदर के ससुर मनजीत सिंह 22 जनवरी 2014 की रात उसके घर में घुस आए और इंद्रजीत सिंह को जमीन के कागज पर दस्तखत करने को कहने लगे।
अदालत ने पाया हत्या का दोषी
मना करने पर आरोपियों ने इंद्रजीत के बेटे शमी पर लाठियां बरसा दीं। आरोपियों ने बीच-बचाव के लिए पहुंची शमी की बेटी शिवानी को भी नहीं बख्शा। लाठियों से हुए हमले में शमी की मौत हो गई थी।
प्रथम अपर सेशन न्यायाधीश हरीश कुमार गोयल की अदालत ने आरोपों को सही पाते हुए दोषियों को सजा सुनाई। मंगलवार शाम कोर्ट का फैसला आने के बाद दोषी मनजीत सदमे को सहन नहीं कर पाया। दिल में दर्द की शिकायत पर उसे प्रेमनगर अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया।
पीडिता को मिलेगा प्रतिकर
अदालत ने फैसले में कहा कि अर्थदंड से प्राप्त धनराशि में से 75 प्रतिशत धनराशि प्रतिकर के रूप में शिवानी व उसके भाई बहनों को देय होगी।