टिहरी जिले की उप तहसील गजा के गुमाल गांव में एक सिरफिरा अपनों के ही खून का प्यासा बन बैठा। युवक ने मां, भाई और भाभी की तलवार से काटकर निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद युवक ने खुद को पिता की लाइसेंसी बंदूक और तलवार के साथ कमरे में कैद कर दिया।
घटना से गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। युवक मानसिक रूप से बीमार बताया जा रहा है। पुलिस प्रशासन मयफोर्स मौके पर पहुंचा है, लेकिन अभी तक युवक को कमरे से बाहर नहीं निकाल पाए हैं।
शनिवार को क्वीली पट्टी के गुमाल गांव में संजय सिंह (27) पुत्र राम सिंह ने भाभी कांता देवी (24), बड़े भाई सुरेंद्र सिंह (36) और मां मीना देवी (65) पर तलवार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
भाभी का सिर काटकर धड़ से किया अलग
जानकारी के अनुसार कांता देवी सुबह 10.30 बजे बकरी चुगाने जंगल गई थी। वहीं घात लगाए बैठे देवर संजय ने तलवार से वार कर सिर को धड़ से अलग कर दिया। इसके बाद संजय दूसरे गांव से घर लौट रहे भाई के घर के पास स्थित झाड़ियों में घात लगाकर बैठ गया।
सुरेंद्र सिंह पर पीछे से तलवार से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। जब मां मीना देवी को घटना की जानकारी मिली, तो वह घटना स्थल की ओर दौड़ पड़ी। जहां रास्ते में संजय ने मां को भी तलवार से वार कर मौत की नींद सुला दिया।
घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक ने पिता की लाइसेंसी बंदूक और तलवार के साथ खुद को अपने ही घर के एक कमरे में कैद कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया।
आरोपी को घर से निकालने में जुटी पुलिस
आनन-फानन में ग्रामीणों ने चाका बाजार में खरीददारी करने गए आरोपी के पिता राम सिंह और राजस्व पुलिस को घटना की जानकारी दी।
तिहरे हत्याकांड की सूचना मिलते ही एसडीएम नरेंद्रनगर मनीष कुमार सिंह और नायब तहसीलदार गमधीर सिंह नेगी मयफोर्स मौके पर पहुंचे। लेकिन आरोपी को घर से बाहर निकालने में कोई सफलता हासिल नहीं कर पाई। घटना के कारण पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। सभी सकते में हैं।
वहीं पिता राम सिंह का कहना है कि संजय ने ऐसा क्यों किया कुछ समझ में नहीं आ रहा है। उसने हर दिन की भांति आज भी रोजमर्रा के कार्य निपटाए। सुबह तक सब ठीक था, लेकिन अचानक उसे क्या हुआ यह समझ से परे है।
...तो पिता, दादी और भतीजे को भी मार देता
संजय 85 वर्षीय दादी, पिता 70 और भाई के डेढ़ साल के बेटे की भी हत्या करने की फिराक में था। मगर जैसे ही दादी को इसकी भनक लगी उन्होंने सुरेंद्र के डेढ़ साल के बेटे कृष्ण को अपने साथ एक कमरे में बंद कर दिया।
वहीं चाका गांव से लौट रहे पिता राम सिंह को ग्रामीणों ने रास्ते में रोक दिया। इससे उनकी जान बच गई। पिता राम सिंह ने बताया कि जिस कमरे में वह बंद है उसमें लाइसेंसी बंदूक है।
आत्महत्या की कोशिश कर चुका है आरोपी
आरोपी संजय इंटर पास है। वह पंजाब में नौकरी करता था। एक साल पहले घर आने के बाद वह नौकरी करने नहीं गया। बताया जा रहा है कि संजय की मानसिक हालात ठीक नहीं है। करीब आठ माह पहले उसने खुदकुशी करने की कोशिश की थी। इसमें वह घायल हो गया था। उसका परिजनों ने उपचार भी करवाया था।