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स्कूल जाने को घर से निकली छात्रा किडनेप

Sun, 14 Dec 2014 10:20 AM IST
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
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स्कूल जाने के लिए घर से निकली छात्रा न तो स्कूल पहुंची न ही घर वापस आई। रास्ते में ही किडनेप हो गई। वारदात का खुलासा स्कूल से पिता के पास फोन आने के बाद हुआ। पूरे 24 घंटे तक पुलिस न केवल मामले को दबाए रही, बल्कि केस दर्ज करने के स्थान पर पिता को घुमाती रही। शनिवार को दबाव बढ़ने पर सेक्टर-34 की थाना पुलिस ने अज्ञात के मामला दर्ज कर लिया है।
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चंडीगढ़ के सेक्टर-44 में प्रताप सिंह परिवार के साथ रहते हैं। उनकी 14 वर्षीय बेटी बुडै़ल के सीनियर सेकेंडरी गवर्नमेंट स्कूल में आठवीं की छात्रा है। प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी बेटी शुक्रवार को भी रोजाना की तरह 12 बजे स्कूल जाने के लिए निकली थी। उसने स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी।

उसके स्कूल जाने के बाद परिजन अपने कामों में व्यस्त हो गए। शुक्रवार को दोपहर में उनके पास बेटी के स्कूल से एक फोन आया। इसके बाद ही उन्हें अपनी बेटी के गायब होने की जानकारी हुई। इसके बाद परिजन बेटी को तलाशने में जुट गए। लेकिन, उसका कोई सुराग नहीं लगा।
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ऐसे पता चली अपहरण की घटना

प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी बेटी के स्कूल से 3:13 बजे फोन आया। फोन पर स्कूल की टीचर ने पूछा कि आज आपकी बेटी स्कूल क्यों नहीं आई है। उन्होंने जवाब दिया कि वह तो समय पर स्कूल के लिए निकल गई थी। इस पर मैडम ने बताया कि वह आज स्कूल नहीं आई है।
 
पुलिस ने 24 घंटे तक घुमाया  
परिजनों ने बताया कि वे शुक्रवार की रात करीब 10 बजे बुड़ैल पुलिस चौकी में बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाने पहुंचे थे। वहां मौजूद पुलिसकर्मी ने केस दर्ज करने की जगह उन्हें 24 घंटे तक इंतजार करने की नसीहत दे डाली। वे शनिवार सुबह चौकी पर फिर पहुंचे, तो ड्यूटी इंचार्ज बदल चुके थे।

नए पुलिस अधिकारी ने रात में न आने पर उन्हें जमकर फटकारा। इसके बाद शनिवार दोपहर वे सेक्टरा-34 पुलिस स्टेशन पहुंचे। यहां पर शाम को पुलिस ने उनकी शिकायत लेकर केस दर्ज कर लिया।
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खुशप्रीत कांड में भी की थी आनाकानी

ऐसा ही मामला 21 दिसंबर 2010 को हुआ था। इसमें खुशप्रीत की अपहरण के बाद हत्या कर दी गई थी। इस केस में भी पुलिस ने कई दिनों तक परिजनों से चक्कर कटवाए थे। परिजनों ने बच्ची को बचाने के लिए अपहर्ताओं को फिरौती भी दे दी थी। लेकिन इसके बाद भी अपहर्ताओं ने उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने उस वक्त सख्ती बरती होती, तो खुशप्रीत की जान बच सकती थी।

कोट्स
मेरी किसी से कोई लड़ाई नहीं है। मेरी नजर में ऐसा कोई नहीं है, जो मेरी बेटी का अपहरण कर सकता हो।
-प्रताप सिंह, अपहृत लड़की के पिता

कोट्स
छात्रा स्कूल जाने के लिए निकली थी। लेकिन, न तो स्कूल पहुंची और न घर लौटी। परिजनों की शिकायत पर अपहरण का केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
-प्रदीप कुमार, पीआरओ पुलिस हेडक्वार्टर
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