नैनीताल हाईकोर्ट ने यौन शोषण के आरोपी निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी और इसी प्रकरण से जुड़े सुमन बल्दिया की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है।
सुमन बल्दिया की जमानत याचिका भी स्वीकार
मामले में जेपी जोशी तीन दिसंबर और बल्दिया 12 दिसंबर 2013 से जेल में हैं। न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। यौन शोषण मामले में निलंबित अपर सचिव जेपी जोशी की ओर से पांचवीं बार जमानत प्रार्थना पत्र कोर्ट में पेश किया गया।
इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से चार जमानत प्रार्थना पत्रों को हाईकोर्ट की ओर से खारिज कर दिया गया था। मामले के अनुसार 22 नवंबर, 2013 को पीड़िता ने जेपी जोशी पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए इसकी एफआईआर दर्ज कराई थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि उसे इसमें झूठा फंसाया गया है।
इसी प्रकरण में सुमन बल्दिया की जमानत याचिका भी स्वीकार कर ली गई है। याचिकाकर्ता सुमन बल्दिया का कहना था कि जेपी जोशी की ओर से बसंत बिहार, देहरादून थाना क्षेत्र में अज्ञात लोगों के खिलाफ धमकी देने और गोपनीय शासकीय अभिलेखों को उपलब्ध कराने को लेकर फोन पर धमकी देने की एफआईआर 22 नवंबर, 2013 को दर्ज कराई गई थी।
कहा कि एफआईआर में उसे नामजद नहीं किया गया था और उसे झूठा फंसाया गया है। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की एकलपीठ ने दोनों की जमानत याचिका को स्वीकार कर लिया है।