गांव बलौंगी की आजाद नगर कालोनी से 27 जनवरी को लापता हुए तीन वर्षीय मनीष का 6 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लगा है। इस संबंध में जांच कर रही बलौंगी पुलिस के साथ अब सीआईए स्टाफ भी बलौंगी में ही कैंप लगाकर बैठ गया है।
अब पुलिस ने सूचना देने वाले को 51 हजार रुपये इनाम देने की घोषणा कर दी है। पुलिस ने इस इनामी घोषणा संबंधी दो तरह के रंगीन विज्ञापन छपवाए हैं जोकि हिंदी भाषा में है।
पुलिस के अनुसार जहां इश्तिहार गलियों में चिपकाए जा रहे हैं वही लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए मीडिया का सहारा लेते हुए छोटे हैंडबिल साइज के विज्ञापन समाचार पत्रों में डलवा कर बुधवार को बंटवाए जाएंगे।
थाना प्रभारी जसविंदर सिंह ने बताया कि इसी तरह मीडिया का सहारा लेते हुए पुलिस द्वारा केबल नेटवर्क पर भी विज्ञापन चलवा दिया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस बच्चे को ढूंढने का हर संभव प्रयास कर रही है। मंगलवार को सीआईए स्टाफ की टीम ने इंस्पेक्टर जरनैल सिंह अध्यक्षता में सर्च अभियान चलवाया।
क्या है मामला:
3 वर्षीय मनीष का परिवार मूल रूप से नेपाल का रहने वाला है। बच्चे का पिता परमेश्मर व मां गायत्री मोहाली औद्योगिक क्षेत्र की एक फैक्टरी में काम करते है, जिसके चलते वह मनीष को मकान मालकिन उर्मिला देवी के पास छोड़ जाते थे जिसे बच्चा संभालने के लिए 400 रुपये प्रतिमाह देते थे।
उर्मिला 27 जनवरी को दोपहर ढाई बजे घर पर ही सब्जी बना रही थी कि बच्चा घर से बाहर था। उसे एक रेहड़ी के पास खड़ा देखा गया, लेकिन बाद में उसका कुछ पता नहीं चला। इस मामले में गुमशुदा होने संबंधी पुलिस ने इश्तिहार जारी किया, लेकिन कोई सफलता नही मिली। अब पुलिस ने इनामी राशि घोषित की है।