यौन शोषण के मामले में दुबई से फेस बुक और मोबाइल के जरिए ‘पाक साफ’ होने का दावा करने वाली कांग्रेस नेत्री रितु कांडियाल पर दलाली का बदनुमा दाग लग गया है। सरकार और शासन में पहुंच रखने वाली कंाडियाल को कभी रुड़की में ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। यही वजह है कि पालिका सदस्य तक के चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था।
रितू से बढ़ाई दूरियां
एकबार फिर विदेश से बचाव का ताना-बाना बुन रही रितु ने पुलिस को दो-चार दिन में आकर बयान दर्ज कराने का भरोसा दिलाया है। यौन शोषण मामले में अपर सचिव जेपी जोशी के साथ यूथ कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रितु कांडियाल का नाम उछला तो रुड़की में किसी को अचरज नहीं हुआ, लेकिन राजनीति के कई दिग्गजों ने अपने दामन को बचाने के लिए रितु से दूरियां बढ़ा ली।
दरअसल रितु के पिता मूलरूप से गढ़वाल के हैं, लेकिन यहां आईआईटी में नौकरी करने के कारण रुड़की में बस गए। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस सरकार में एक मंत्री से करीबी रिश्तों ने महत्वाकांक्षी रितु कांडियाल की दशा और दिशा बदल दी। धीरे-धीरे राजनीति के बडे़ दिग्गजों और नौकरशाहों के यहां उसकी दखल बढ़ती चली गई। यह बात अलग है कि रुड़की में रितु को खास पहचान नहीं मिल सकी।
हार का करना पड़ा सामना
यही वजह है कि नगर पालिका सभासद के चुनाव में रितु को हार का सामना करना पड़ा। रुड़की मेयर पद के लिए भी रितु ने दावेदारी जताई पर कामयाबी नहीं मिली। बावजूद इसके सत्ता के गलियारों में नेत्री की ताकत कमजोर होने के बजाए बढ़ती चली गई। कोटद्वार की बहू बनने के बाद भी रितु का राजनीति में रुतबा बरकरार रहा। पति के विदेश में रहने के कारण रितु उत्तराखंड की राजनीति में सक्रिय रही। उसने कांग्रेस के बड़े नेताओं से नजदीकियों का पूरा फायदा उठाया, लेकिन यौन शोषण के मामले में नाम उछला तो तमाम लोगों ने उससे किनारा कर लिया।
फेसबुक के जरिए दी सफाई
दुबई से फेस बुक और मोबाइल के जरिए उसे बेगुनाही के दावे भी किए, लेकिन अब ब्लैकमेलिंग में नाम आने के बाद कांग्रेस नेत्री रितु कांडियाल की फजीहत होना स्वाभाविक है, हालांकि उन्होंने जल्द ही भारत आकर बयान दर्ज कराने का भरोसा दिलाया है। अब देखना होगा कि कांग्रेस नेत्री पर पुलिस कब और कहां तक शिकंजा कस पाती है।