लाख कोशिश के बावजूद यौन शोषण के आरोप में फंसे जेपी जोशी की जेल से बाहर आने की तमन्ना पूरी नहीं हो पा रही है।
तीन दिसंबर 2013 से जेल में बंद हैं जोशी
शुक्रवार को जिला सत्र न्यायालय ने जोशी की जमानत याचिका चौथी बार खारिज कर दी। इससे वहीं, हाईकोर्ट में भी जोशी की जमानत याचिका तीन बार खारिज हो चुकी है। जोशी तीन दिसंबर 2013 से जेल में बंद है।
यौन शोषण के आरोपी निलंबित अपर सचिव गृह जेपी जोशी ने एडीजे पंचम नीना अग्रवाल की अदालत में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें जोशी ने कहा कि पीड़िता और उसके साथी ने उन्हें ब्लैकमेल करने के मकसद से तथाकथित शारीरिक संबंधों की सीडी बनाकर बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था।
उन्होंने कहा कि पीड़िता भी गवाही में कह चुकी है कि उसका शारीरिक उत्पीड़न नहीं हुआ। उधर, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी ने पीड़िता को नौकरी का लालच देकर उसके साथ बलात्कार किया। अभियोजन ने कहा कि प्रकरण में वादिनी से बहस जारी है।
आरोपी एक प्रभावशाली व्यक्ति है और उसे जमानत दे दी गई तो पीड़िता की गवाही पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।
प्रयोगशाला से रिपोर्ट के साथ पहुंची सीडी
जेपी जोशी प्रकरण की सीडी दिल्ली स्थित सीबीआई की प्रयोगशाला से दून न्यायालय में रिपोर्ट के साथ पहुंच गई है। अब सीडी के संबंध में पीड़िता से जिरह होनी है।
अमित, संजय को भी नहीं मिली जमानत
अदालत में यह मामला भी सामने आया कि ब्लैकमेलिंग के मामले में सह आरोपियों अमित गर्ग और संजय बैनर्जी की जमानत याचिका सुप्रीम कोर्ट से खारिज हो चुकी है।