उत्तराखंड के हरिद्वार में एक रेलवेकर्मी ने अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक ही मकान को दो बार बेच दिया। आरोपी रेलवेकर्मी एवं उसकी पत्नी को ज्वालापुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मकान को दूसरी बार खरीदने के आरोपी एवं बैनामे में गवाह युवक की तलाश की जा रही है।
पहले भी बेच चुका था
विवेचनाधिकारी गजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि गांव एक्कड़ निवासी महिला सेहरूबा पत्नी रईस ने मुकदमा दर्ज कराया था कि उसका मकान हरिलोक कॉलोनी में है। उसने शेर सिंह नाम के एक आदमी से मकान खरीदा था।
शेर सिंह ने असली मालिक नंदन सिंह से इकरारनामा किया था लेकिन बैनामे के लिए नंदन सिंह के न पहुंचने पर शेर सिंह ने कोर्ट के आदेश पर बैनामा करा लिया था। उसी आधार पर उसने यह मकान बेच दिया था।
गवाह की भी तलाश
आरोप था कि पूर्व मकान स्वामी नंदन सिंह बिष्ट, उसकी पत्नी बसंती देवी ने विकास नाम के व्यक्ति को फिर से बेच दिया और हरिलोक का ही संदीप उसमें गवाह बना था। खरीददार विकास ने मकान पर कब्जा भी कर लिया।
विवेचनाधिकारी ने बताया कि गलत तरीके से रेलवेकर्मी नंदन सिंह बिष्ट, उसकी पत्नी बसंती निवासीगण राइटस फ्लैट, अशोक विहार फेज तृतीय आजाद नगर नई दिल्ली में बैनामा किया था। आरोपी दिल्ली में रेलवे कर्मी है। अन्य आरोपियों की भी तलाश की जा रही है।