राजधानी के हरभजवाला निवासी 38 बर्षीय रघुवीर सिहं यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने युवक के ससुराल वालों पर उसे मारने आ आरोप लगाया है।
पुलिस ने डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद ही हत्या की सही वजह पता लगा पाएगी।
मृतक के भाई रमेश ने बताया कि सात सितंबर रघुवीर की पत्नी कमलेश रघुवीर और अपने 15 वर्षीय बेटे गौरव के लेकर कहीं गई थी। कमलेश और गौरव तो घर लौट आए थे, लेकिन रघुवीर उनके साथ नहीं था। जब कमलेश से इस बारे में पूछा गया तो उसने गोलमोल जवाब दिया। कभी कमलेश ने रघुवीर के नशा मुक्ति केंद्र में होने की बात कहीं तो कभी उसके इलाहाबाद में होने की।
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गुरुवार की सुबह अचानक कमलेश रघुवीर की डेडबॉडी लेकर हरभजवाला स्थित अपने ससुराल पहुंची। मृतक के हाथ बंधे हुए थे और उसके शरीर पर चोट के निशान भी थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची।
पूछताछ में कमलेश ने बताया कि रघुवीर को अजबपुर स्थित हौसला नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया गया था। वहां हालत खराब होने पर रघुवीर को दून अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टर ने चेकअप के दौरान उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस ने डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया गया कि मृतक खेतीबाड़ी का काम करता था और वह शराब का आदि था। जिस कारण आए दिन कमलेश और रघुवीर में लड़ाई होती रहती थी। मृतक की एक 16 वर्षीय बेटी भी है।
दूसरी ओर नशा मुक्ति केंद्र के डायरेक्टर ने पुलिस को बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में रघुवीर की हालत बिगड़ने के कारण उसे दून अस्पताल रेफर किया गया था।
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