एक माह पहले सुनील ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसकी वीडियो तैयार कर ली। आरोप है कि शादी का झांसा देकर उसने कई बार उसका यौन शोषण किया। बाद में वह शादी से मुकर गया।
पुलिस से शिकायत करने पर वह शादी के लिए राजी हो गया। पीड़िता ने बताया कि उसने कोर्ट मैरिज न कर फर्जी रूप से शादी का स्टांप पेपर तैयार करवा लिया। दोबारा शिकायत करने पर उसने सार्वजनिक रूप से मंदिर में शादी करने का भरोसा दिलाया।
चार मई को तीन गांवों के प्रधानों की मौजूदगी में एक मंदिर में उसकी शादी कराई जा रही थी। छात्रा का कहना है कि पांचवें फेरे पर आरोपी ने गठबंधन की गांठ खोल दी। उसके बाद से आरोपी फरार है।
फोन पर संपर्क करने पर सुनील व उसके भाई दहेज की मांग कर रहे हैं। दहेज न देने और घर में घुसने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। तहरीर के आधार पर पुलिस ने हापुड़ निवासी सुनील व उसके भाइयों अनिल, कपिल व संदीप के खिलाफ धारा 376, 348, 506 व 420 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विधिवत हुई है छात्रा की शादी
पीड़ित छात्रा के विवाह के समय फेरों के दौरान गठबंधन खोले जाने के आरोप को शादी कराने वाली संस्था के पदाधिकारियों ने नकार दिया है। उनका कहना था कि पीड़िता की शादी विधिवत रूप से संपन्न कराई गई है। गांव के तमाम लोगों के अलावा तीन ग्राम प्रधान व अन्य लोग भी इस विवाह के साक्षी रहे। विवाह संपन्न होने के बाद ही संस्था द्वारा शादी का प्रमाण पत्र जारी किया गया है।