यदि देहरादून पुलिस ने जरा सी भी दिलेरी दिखाई होती तो अमित उर्फ भूरा को छुड़ाने के लिए आए बदमाश मौके पर ही ढेर हो सकते थे।
एक हेड कांस्टेबल और चार कांस्टेबल होने के बावजूद एक ने भी बदमाशों का मुकाबला करने की कोशिश नहीं की। पुलिसवालों के पास एके-47 और एसएलआर जैसे असलाह थे, फिर भी एक भी गोली नहीं चलाई।
बदमाशों ने जैसे ही फायर किए, पुलिस वाले वैसे ही हथियार छोड़कर भागने लगे। इन्हें बदमाशों ने उठा लिया। सिर्फ एक सिपाही अपनी एसएलआर लेकर भागा। बाकी खाली हाथ दौड़े। ये पुलिस वाले पहले ट्रक के पीछे छुपे। इससे भी उनका डर नहीं निकला तो खेत में जाकर चुपचाप दीवार के पीछे दुबककर बैठ गए।
जिस रविंद्र की एसएलआर लुटने से बची, वह उत्तराखंड पुलिस से पहले आर्मी में रहा था। चश्मदीद ने बताया जब बदमाश काफी दूर चले गए, तब उसने ट्रक के नीचे सड़क पर ही पोजीशन ली।
खुद रविंद्र ने आईजी को बताया, ‘मैं एसएलआर का ट्रिगर दबा रहा था, लेकिन गोली नहीं चल रही थी, उसकी मैगजीन निकलकर जमीन पर गिर गई थी।’ हेड कांस्टेबल गंगाराम ने कहा ‘मैंने भूरा की हथकड़ी पकड़ रखी थी, मेरी आंखों में मिर्ची का स्प्रे गिर गया था, मुझे कुछ नजर नहीं आया, बदमाश हथकड़ी समेत भूरा को ले गए ।’
सिर्फ एक की आंखों में आया मिर्च स्प्रे का असर
पांचों सिपाहियों ने बताया उनकी आंखों में मिर्ची स्प्रे डाला, लेकिन इसका असर गंगाराम के अलावा किसी की आंखों में नजर नहीं आया।
चश्मदीद थ्री व्हीलर चालक मीतली गांव निवासी सप्पल ने कहा गोली चलते ही सिपाही सड़क किनारे खड़े ट्रक के पीछे छुप गए, इन्होंने आंखें बंद कर ली थी, इसके बाद सड़क किनारे के खेत में घुस गए। मुकाबला करना तो दूर की बात है, कोई जोर से चिल्लाया भी नहीं।
कब क्या हुआ
रविवार रात 7.40 बजे : भूरा को लेकर पुलिस देहरादून से एक्सप्रेस ट्रेन से चली।
रविवार रात 12 बजे : पुलिस भूरा को लेकर सहारनपुर रेलवे स्टेशन पहुंची।
सोमवार सुबह 3.15 बजे : सहारनपुर से पुलिस बागपत के लिए पैसेंजर ट्रेन में बैठी।
सुबह 6.30 बजे : पुलिस टीम अग्रवाल मंडी टटीरी रेलवे स्टेशन पहुंची।
सुबह 6.50 बजे : पुलिस टटीरी से थ्री व्हीलर में बागपत कोर्ट के लिए चली।
सुबह 7.0 बजे : बागपत के राष्ट्र वंदना चौक से दो बदमाश सवारी बनकर बैठे।
सुबह 7.15 बजे : बड़ौत रोड पर क्रिस्तु ज्योति स्कूल के सामने वारदात हो गई।
सुबह 7.35 बजे : सूचना देने पुलिस थ्री व्हीलर से बागपत कोतवाली पहुंची।
सुबह 7.45 बजे : सूचना पर पुलिस ने बदमाशों की तलाश में कांबिंग शुरू की।
सुबह 10 बजे : आईजी मेरठ जोन ने मौका ए वारदात पर पहुंचकर समीक्षा की।