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टीचर ने किया इतना जुल्म, रूह कांप उठेगी

Tue, 16 Dec 2014 12:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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‘सर मुझे सारा पाठ याद है फिर भी मेरी मैडम ने मुझे डंडों से पीटा है। कारण सिर्फ यह है कि मेरी जुबान में थोड़ी सी तुतलाहट है, इसके चलते मैं अच्छे तरीके से पाठ नहीं सुना पाई। बाकी मेरा कोई कसूर नहीं है।’ यह कहना है राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की आठवीं कक्षा की छात्रा कंचन का।
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सोमवार सुबह वह अपने पिता के साथ उपचार कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंची। छात्रा का यह भी कहना था कि अध्यापिका ने उसे घर पर बताने पर नाम काटने की धमकी भी दी थी।

हालांकि लड़की के पिता ने पहले इसकी शिकायत पुलिस को भी दी, लेकिन दिनभर के मान-मनोव्वल के बाद सामाजिक तौर पर समझौता कर लिया गया। हालांकि, स्कूल परिसर में दिनभर यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
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घर बताने पर दी थी नाम काटने की धमकी

राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में एक अध्यापिका द्वारा एक छात्रा की डंडों से इतने निर्मम तरीके से पीटा कि छात्रा को इलाज के सामान्य अस्पताल पहुंचना पड़ा। हालांकि बात दो-चार रोज पहले की है, लेकिन अध्यापिका द्वारा नाम काटने के डर से छात्रा ने घर पर कुछ नहीं बताया।

लेकिन बाद में जब दर्द सहन नहीं हुआ तो छात्रा ने सारे मामले के बारे में अपने माता-पिता को बताया। छात्रा के माता-पिता ने विद्यालय के प्राचार्य को भी बताया और पुलिस चौकी में भी लिखित शिकायत दी। लेकिन दिनभर के दोनों पक्षों के बीच बातचीत चलती रही। शाम तक सामाजिक तौर पर मामले को निपटा दिया गया।

छात्रा कंचन ने बताया कि उसकी जुबान में तुतलाहट है, इसी के चलते न केवल उसका मजाक उड़ाया जाता है, बल्कि मारपीट भी की जाती है। वहीं, इस संबंध में अध्यापिका का यह कहना है कि ऐसी कोई बात नहीं है, बच्चों को पढ़ाने के लिए तो थोड़ा-बहुत डराया धमकाया जाता है।
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सामान्य अस्पताल में दर्द से कराहती रही छात्रा

सामान्य अस्पताल में भी दिनभर इंतजार करती रही। इसके बावजूद डॉक्टर नहीं मिला। इसके चलते छात्रा दिनभर दर्द से कराहती रही। बाद में वहां पर कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने बताया कि डॉक्टर साहब तो बहादुरगढ़ कोर्ट पेशी पर गए हुए हैं।

वर्जन:::::::::::
शारीरिक दंड देना कानून के खिलाफ है। मामला उनके संज्ञान में आया था और उन्होंने अध्यापिका को भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी भी दी है।
डॉ. हरपाल डागर, प्राचार्य, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, झज्जर।

मैं मीटिंग के लिए चंडीगढ़ आया हुआ हूं। मामले की मुझे जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। अगर जांच में शिक्षिका दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ विभागीय कार्यवाई की जाएगी।
साधुराम रोहिल्ला, जिला शिक्षा अधिकारी, झज्जर
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