बीमा पॉलिसी के नाम पर पूर्व आईएफएस अफसर से करीब 37 लाख रुपये ठग लिए गए। ठग डेढ़ साल तक उनसे रकम लेते रहे। रकम वसूलने के बाद ठग किस्त लेने नहीं आए तो ठगी का खुलासा हुआ। पुलिस महानिरीक्षक के आदेश पर डालनवाला कोतवाली में 14 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। इनमें चार युवतियां शामिल हैं।
डालनवाला कोतवाली के मोहिनी रोड निवासी बुजुर्ग डीएस तोमर आईएफएस अधिकारी होने के साथ वन विभाग के प्रमुख वन संरक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए। करीब डेढ़ साल पहले दो युवतियां बीमा पॉलिसी की नई स्कीम लेकर उनके पास आईं।
तोमर को एक बीमा कंपनी की पॉलिसी पसंद आ गई। पॉलिसी कराने के साथ हर तीसरे माह युवतियां या उनके साथी आकर किस्त ले जाते। उन्हें कंपनी की तरफ से रसीद दी जाती। तोमर को शक ना हो इसके लिए ठगी करने वाले अपने साथियों को बीमा कंपनी का अधिकारी बताकर बात कराते रहे।
चार युवतियों समेत 14 लोगों पर मुकदमा
ठगों ने किस्तों में तोमर से करीब 37 लाख रुपये हड़प लिए। इसके बाद ठग गिरोह मोबाइल बंद कर गायब हो गया। कई माह तक कंपनी के लोग किस्त लेने नहीं आए तो तोमर ने फोन से संपर्क साधने की कोशिश की, लेकिन उनका नंबर बंद मिला।
संबंधित बीमा कंपनी से संपर्क साधा पता चला कि उनके नाम की कोई बीमा पॉलिसी नहीं है। तोमर ने पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल से मिलकर अपने साथ हुई ठगी की जानकारी दी।
डालनवाला पुलिस ने पूर्व आईएफएस अधिकारी की तरफ से बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाली अंजलि, प्रिया जैन, सिमरन मल्होत्रा, उत्कृष्ट सीना, पीके नागेंद्र, रवि मल्होत्रा, कल्याणी दास, शरद कुमार, राजीव, दिनेश त्रिपाठी, एसके पाठक, मुकेश पटेल, अमित श्रीवास्तव और मुजाहिद खान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच-पड़ताल शुरू की है।