बीएड कॉलेज का प्रिंसिपल दूसरे कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी करता पकड़ा गया है। चौधरी देवीलाल प्रशासन ने बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल को डी-बार कर दिया है। अब यह प्रिंसिपल सीडीएलयू के अंडर किसी कॉलेज में दोबारा नौकरी नहीं कर सकता। सीडीएलयू प्रशासन ने प्रिंसिपल के खिलाफ एनसीटी और यूजीसी को भी कार्रवाई के लिए लिख दिया है।
इसके अलावा इस प्रिंसिपल से छह महीने तक लिया पूरा मेहताना भी वसूला जाएगा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय से संबंधित बीएड कॉलेज का प्रिंसिपल किसी अन्य सरकारी कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी कर रहा था। करीब छह महीने से प्रिंसिपल दूसरे कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी कर रहा था। किसी तरह इस बात की भनक सीडीएलयू प्रशासन को लगी।
आनन-फानन में एक टीम बनाकर दोनों कॉलेजों में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बीएड कॉलेज का प्रिंसिपल दूसरे कॉलेज में भी उपस्थित पाया गया। जिसके आधार पर मामले का पता लगाया गया कि बीएड कॉलेज का प्रिंसिपल अन्य बीएड कॉलेज में कैसे मौजूद रहा। इस बात की जानकारी सीडीएलयू ने दूसरे बीएड कॉलेज से जुटाई। तफ्तीश में सीडीएलयू को पता चला कि बीएड कॉलेज का प्रिंसिपल अपनी नौकरी के साथ-साथ दूसरे बीएड कॉलेज में भी लेक्चरर की नौकरी कर रहा था।
छुट्टी लेकर पढ़ाता था दूसरे कॉलेज में
सीडीएलयू प्रशासन का कहना है कि बीएड कॉलेज का प्रिंसिपल एक साथ दो नौकरी करने पर कहीं पकड़ा न जाए इसलिए बड़ी चालाकी के साथ छुट्टी लेकर ही दूसरे कॉलेज में पढ़ाने जाता था। यह खेल करीब छह महीने तक बिना किसी जानकारी के चलते रहा।