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अस्पताल की ओपीडी में घुसकर डॉक्टर को मारी गोली, मौत

Thu, 21 Apr 2016 03:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, जसपुर (ऊधमसिंह नगर)

सार

  • -सरकारी अस्पताल में मरीजों को देख रहे थे डॉ. एसके सिंह
  • -बदमाश गोली मारने के बाद साथी के साथ हुआ फरार
  • -डीआईजी ने घटना के खुलासे को गठित की टीम
  • -भाजपाइयों ने घटना के विरोध में किया प्रदर्शन
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सरकारी अस्पताल में घुसकर ओपीडी में मरीजों को देख रहे बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह की एक बदमाश ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद आरोपी अपने एक साथी के साथ बाइक से फरार हो गया। डॉक्टर को गोली मारने की सूचना मिलने के बाद एसएसपी, एएसपी और सीओ ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जानकारी जुटाई।
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भाजपाइयों ने विरोध में प्रदर्शन कर हत्याकांड के शीघ्र खुलासे की मांग की। डीआईजी ने हत्याकांड के खुलासे के लिए एएसपी के नेतृत्व में दस पुलिस कर्मियों की एक टीम का गठन किया है। घटना के खुलासे तक एसएसपी को कोतवाली में कैंप करने के निर्देश दिए।

बुधवार को जसपुर के सरकारी अस्पताल में महावीर जयंती का अवकाश था। अवकाश के बावजूद बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके सिंह अपना कक्ष खुलवाकर ओपीडी में मरीजों को देख रहे थे। वह पांच रोगियों को ही देख पाए थे कि उसी समय करीब सवा दस बजे एक युवक दरवाजे के बाहर खड़ी मरीजों की भीड़ से निकलता हुआ उनके कक्ष में दाखिल हुआ।
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कंधा पकड़कर घुमाया और मार दी गोली

Firing
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक उसने डॉक्टर सिंह से कहा कि बॉस आज तो अवकाश है फिर भी मरीज देख रहे हो। उनका कंधा पकड़कर उनको अपनी ओर घुमाया। डॉक्टर सिंह कुछ समझ पाते इससे पहले ही बदमाश ने पेंट से तमंचा निकालकर उनके सीने से सटाकर गोली मार दी। इसके बाद वह आराम से बाहर की ओर भाग गया।

डर की वजह से किसी ने उसे रोकने का प्रयास नहीं किया। अस्पताल के बाहर बिना नंबर की बाइक पर एक युवक पहले से ही बाइक स्टार्ट कर खड़ा हुआ था। गोली चलने की आवाज पर अस्पताल कर्मी उनके कक्ष की ओर भागे। घायल डॉ. सिंह को उठाकर काशीपुर के लिए रेफर कर दिया, जहां रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में भाजपाइयों ने अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया।

आईएमए जसपुर के डाक्टरों ने भी घटना की निंदा करते हुए शीघ्र ही खुलासा करने की मांग की। घटना के बाद डीआईजी पीएस सैलाल, एसएसपी अनंत शंकर ताकवाले, एएसपी कमलेश उपाध्याय, सीओ जीसी टम्टा ने घटना स्थल पर पहुंच कर निरीक्षण किया। डीआईजी पीएस सैलाल ने एएसपी कमलेश उपाध्याय के नेतृत्व में दस पुलिस कर्मियों की टीम का गठन किया और एसएसपी को घटना के खुलासे तक कोतवाली में कैंप करने के निर्देश दिए।
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