नौकरी करने दून आए एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। शव प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) के घर के सर्वेंट क्वार्टर में पड़ा मिला। परिजनों ने डीएफओ और उनकी पत्नी पर युवक को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
पढ़ें, बैंक ने किया 'फ्रॉड', बिना बताए पैसा ट्रांसफर
पुलिस ने जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कही है। युवक और आरोपियों के मोबाइल नंबर खंगाले जा रहे हैं।
गांव पीपली, सतपुली (पौड़ी गढ़वाल) निवासी विकास कुमार (23) पुत्र सुरेंद्र कुमार घिल्डियाल पांच माह पहले नौकरी की तलाश में दून आया था। विकास के माता और पिता दोनों का निधन हो चुका है।
डीएफओ के घर पर करता था काम
विकास दून में विकास बंगाली कोठी के पास स्थित चाणक्यपुरी में डीएफओ लक्ष्मण सिंह की गोशाला में काम करने लगा था। हालांकि, उसने परिजनों को बताया था कि वह वन विभाग में संविदा पर वाहन चालक है।
डीएफओ सिंह इन दिनों पौड़ी में तैनात हैं और उनका परिवार भी वहीं रहता है। एकाध महीने में डीएफओ घर की देखरेख के लिए दून आते हैं।
कमरे से मिली न्यूआन की शीशी
शुक्रवार सुबह 08:30 बजे तक विकास सर्वेंट क्वार्टर से बाहर नहीं निकला तो पड़ोसियों को संदेह हुआ। कुछ लोग उसे देखने आए तो कमरे का दरवाजा खुला था, जबकि विकास अचेत पड़ा था।
सूचना पर नेहरू कालोनी पुलिस मौके पर पहुंची तो पाया कि विकास दम तोड़ चुका है। तलाशी में कमरे से न्युआन की शीशी बरामद हुई। आशंका है कि विकास ने जहर पीकर खुदकुशी की।
सूचना पर दोपहर तक विकास के मामा दून में तैनात एसआई मुकेश बलोदी और गांव से ताऊ संपूर्णानंद घिल्डियाल भी मौके पर पहुंच गए।
डीएफओ और उनकी पत्नी पर आरोप
परिजनों ने आरोप लगाया कि डीएफओ और उनकी पत्नी विकास को परेशान करते थे। बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने विकास पर चोरी का आरोप लगाया था। पौड़ी से मोबाइल पर फोन कर धमकाया गया था।
इसके बाद से वह डिप्रेशन में था। उधर, डीएफओ लक्ष्मण सिंह ने फोन पर विकास को प्रताड़ित करने से इनकार किया।