युवती से दुष्कर्म और अश्लील वीडियो क्लिप बनाने के आरोपी हरियाणा के कांग्रेस नेता प्रदीप सांगवान ने युवती को जुबान बंद रखने के लिए धमकी भरे कई एसएमएस किए थे।
देहरादून पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि मामला हाई प्रोफाइल होने के कारण पुलिस फूंक-फूंककर कदम रख रही है। पुलिस ने रविवार को सांगवान के देहरादून स्थित वाटर पार्क में तैनात कर्मियों से पूछताछ की है।
इस बीच हरियाणा में सांगवान की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस टीम उसकी गिरफ्तारी के लिए चली गई है।
प्रदीप सांगवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज
हालांकि देर शाम तक उसने हरियाणा पुलिस से संपर्क नहीं किया था। मामले की जांच एसएसपी ने होमीसाइड सेल के प्रभारी प्रदीप टम्टा को सौंपी है।
शनिवार को सहस्त्रधारा स्थित जॉय लैंड वाटर पार्क में कार्यरत एक युवती ने राजपुर थाने में प्रदीप सांगवान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
आरोप लगाया है कि पार्क के मालिक प्रदीप सांगवान ने पहले उससे दुष्कर्म किया और फिर उसकी अश्लील क्लिपिंग बनाकर फेसबुक पर अपलोड करने की धमकी दी।
दर्ज किए युवती के बयान
एसओ राजपुर प्रदीप राणा ने बताया कि अब तक सामने आए तथ्यों की जांच की जा रही है। युवती के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। जल्द ही आरोपी की गिरफ्तारी हो जाएगी।
भाजपा का बागी है सांगवान
यौन शोषण मामले में आरोपी प्रदीप सांगवान भाजपा का बागी नेता है। प्रदीप सांगवान के पिता किशन सिंह सांगवान सोनीपत से एक बार इनेलो और दो बार भाजपा से सांसद रहे चुके हैं।
दो वर्ष पूर्व उनका निधन हो गया। किशन सिंह सांगवान का हरियाणा की राजनीति में खासा प्रभाव था। प्रदीप भी सोनीपत से भाजपा से टिकट के प्रबल दावेदारों में एक था।
किया था निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान
भाजपा से टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। 22 मार्च को उसने सोनीपत से निर्दलीय के रूप में नामांकन भी किया।
मगर चार दिन बाद 26 मार्च को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की मौजूदगी में कांग्रेस ज्वाइन कर ली।
इसके बाद सांगवान ने सोनीपत से उम्मीदवारी छोड़ दी। बताया जा रहा है कि हुड्डा ने आने वाले विधानसभा चुनाव में प्रदीप को टिकट देने का आश्वासन दिया है।
परिजनों और दलों ने साधी चुप्पी
यौन शोषण का आरोप लगने के बाद प्रदीप सांगवान के परिजनों ने चुप्पी साध ली है। इस मामले में अन्य दलों के नेता भी कोई प्रतिक्रिया नहीं देना चाहते।
रविवार को प्रदीप सांगवान का मोबाइल दिनभर बंद रहा। उनके आवास पर पूरे दिन समर्थकों और अन्य लोगों का आनाजाना लगा रहा।
परिजन भी मीडिया से बात करने से बचते रहे। लोगों का कहना है कि मामले के बारे में प्रदीप जाने या फिर आरोप लगाने वाली युवती।
कयास लगाए जा रहे थे कि देहरादून पुलिस शाम तक प्रदीप की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे सकती है। लेकिन रविवार देर शाम तक सांगवान की सेक्टर-14 स्थित कोठी पर कोई नहीं पहुंचा।
आरोपों की पुष्टि के लिए शनिवार रात जब अमर उजाला ने सांगवान से संपर्क करने की कोशिश की तो वे दिल्ली से चंडीगढ़ जा रहे थे।
सुबह उनके खिलाफ मामला दर्ज होने की सूचना मिलने पर समर्थक उनके आवास पर पहुंचने लगे। मीडिया को कोठी में बैठे नौकर और समर्थकों ने यही कहा कि सांगवान और परिवार का कोई सदस्य यहां नहीं है।