एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने शनिवार को हल्दूचौड़ स्थित नित्यानंद पाद आश्रम एवं गोरक्षा केंद्र में छापामार कर वहां से 14 नाबालिग बच्चों को मुक्त करा लिया। सेवादार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस पूछताछ के लिए आश्रम से कुछ साधुओं को भी पकड़कर लाई थी, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया। आश्रम में इन बच्चों का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न किया जा रहा था। बच्चों से तड़के 500 गायों का गोबर निकलवाया जाता था।
काम नहीं करने पर मारपीट और गालीगलौज की जाती थी। घटना के विरोध में आश्रम के लोगों ने कोतवाली में हंगामा भी किया।
सूचना मिलने पर मारा था छापा
सीओ लोकजीत सिंह ने बताया कि कुछ दिन पूर्व पुलिस को सूचना मिली थी कि आश्रम में नाबालिग बच्चों का उत्पीड़न किया जा रहा है। तीन बजे सुबह उठाकर उनसे काम करवाया जाता है, मारपीट की जाती है और आश्रम की करीब 500 गायों का गोबर उन्हीं से निकलवाया जाता है।
शिकायत के बाद मामले की जांच करवाई गई। जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर शनिवार को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल और शौर्या दल ने आश्रम में छापा मारा।
सेल प्रभारी डीएल वर्मा ने बताया कि छापेमारी के दौरान वहां 3 से 15 साल तक के बच्चे काम करते पाए गए। उन्होंने बताया कि बच्चों को मुक्त करा लिया गया है।
आश्रम के लोगों का कोतवाली में हंगामा
पुलिस बागेश्वर निवासी आश्रम के सेवादार कुलदीप पाठक और कुछ साधुओं पकड़कर कोतवाली ले आई। इसके विरोध में आश्रम से जुड़े अन्य लोग भी कोतवाली पहुंचे और हंगामा किया।
उनका आरोप था कि पुलिस उन्हें गलत तरीके से फंसा रही है। काफी देर तक उन्होंने इस मामले को लेकर सीओ लोकजीत सिंह ने वार्ता की। बाद में लोग मान गए।
सेवादार पर मुकदमा हुआ दर्ज
पुलिस ने बच्चों के उत्पीड़न के आरोप में कुलदीप पाठक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया जबकि साधुओं को छोड़ दिया गया।
मुक्त
कराए गए एक स्थानीय बच्चे को परिजनों के हवाले कर दिया गया जबकि अन्य 13
को बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. कमरुद्दीन के समक्ष पेश किया गया।