भाजपा के विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस के घोड़े शक्तिमान पर हमला कर हड्डी तोड़ने के मामले में मसूरी क्षेत्र के भाजपा विधायक गणेश जोशी और उनके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। दो अन्य पशु प्रेमियों की तरफ से भी जोशी के खिलाफ तहरीर दी गई है। दूसरा मुकदमा विकासनगर तहसीलदार की जिप्सी में तोड़फोड़ का हुआ है, जिसमें टिहरी के अमृत सिंह रावत और 10-12 कार्यकर्ता आरोपित हैं।
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प्रदर्शन के जोश में होश खोने में भाजपाई कानून के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। रिस्पना पुल से पहले बने बैरियरों को विधायक गणेश जोशी आदि समर्थक लांघने में कामयाब हो गए थे। इसी दौरान घुड़सवारों की टीम सामने थी। आरोप है कि विधायक गणेश जोशी ने डंडा चलाया। शक्तिमान पर आरक्षी रविंद्र सिंह सवार थे।
पुलिस का आरोप है कि यह लोग घोड़े को घेरकर डंडे से बुरी तरह पीटने लगे, जिसमें अश्व का बाएं पैर बुरी तरह जख्मी हो गया। घोड़े को एंबुलेंस बुलाकर चिकित्सालय भेजा गया।
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घुड़सवार सिपाही ने दर्ज कराया विधायक पर मुकदमा
घोड़े पर हमला करते बीजेपी विधायक गणेश जोशी
- फोटो : amar ujala
घुड़सवार आरक्षी रविन्द्र सिंह की तरफ से दर्ज मुकदमे में मसूरी विधायक गणेश जोशी और उनके समर्थक आरोपित किए गए। आरोप है कि उनके द्वारा किए गए हमले की वजह से घोडे़ के पैर की हड्डी टूट गई। पशु क्रूरता अधिनियम के अलावा धारा 429, 188 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि पशु प्रेमी पूजा बहुखंडी समेत दो की तरफ से विधायक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत तहरीर दी गई है। पुलिस उसकी जांच कर रही है। दूसरा मुकदमा विकासनगर तहसीलदार की जिप्सी के चालक विनोद कुमार की तरफ से दर्ज कराया गया है।
आरोप है कि टिहरी के अमृत सिंह रावत और उसके 10-12 साथियों पर गाली-गलौज करते हुए जिप्सी के शीशे तोड़ दिए। पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 353,188, 504, 427 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
भाजपा प्रदर्शन के दौरान जाली फेंकने और धक्का-मुक्की में नीचे गिराने में दो दर्जन के करीब पुलिसकर्मी जख्मी हुए है। इनमें कैंट इंस्पेक्टर अनिल जोश के अलावा नेहरू कॉलोनी, पटेलनगर, ऋषिकेश, राजपुर आदि थानों के पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं।
आठ महिला पुलिसकर्मियों के भी मेडिकल कराए जाने की खबर है। एसपी सिटी अजय सिंह का कहना है कि घायल पुलिसकर्मियों ने मेडिकल कराने के बाद रिपोर्ट अपने-अपने थाना क्षेत्रों में जमा कराए हैं। यदि कोई तहरीर मिलती है तो उस पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
सीएम ने दिए बेहतर इलाज के निर्देश
सीएम हरीश रावत भी घायल अश्व को देखने के लिए अस्पताल गए। उन्होंने उपचार में किसी तरह की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। एसएसपी को उपचार के लिए तमिलनाडु के पशु चिकित्सकों की मदद लेने के निर्देश दिए गए हैं। बता दें उत्तराखंड पुलिस के घुड़सवारी बेड़े में शक्तिमान नाम का यह अश्व मार्च 2006 में शामिल हुआ। 14 साल का यह घोड़ा लगातार रैतिक परेड़ों में भाग लेता रहा।