नेपाल की 19 वर्षीया युवती को बहला-फुसलाकर भारत लाकर बेचने के प्रयास में पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में तीन नेपाली और दो भारतीय शामिल हैं।
न्यायालय के आदेश पर आरोपियों को जेल और पीड़िता को रीड्स संस्था के उज्वला पुनर्वास केंद्र भेजा गया है। एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल को रविवार सुबह एक युवती के साथ पांच लोग संदिग्ध अवस्था में नेपाल से बनबसा बॉर्डर में आते दिखे।
सेल की इंचार्ज मंजू पांडेय के नेतृत्व में टीम ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। कोतवाल कमल राम आर्य ने बताया कि बनबसा पहुंचकर आरोपियों ने टैक्सी बुक की और टनकपुर से चंपावत की ओर रवाना हो गए।
संदेह बढ़ने पर सेल की टीम ने टनकपुर-चंपावत राजमार्ग में बस्तिया के पास टैक्सी रोक कर उनसे पूछताछ की तो मामला देह व्यापार का निकला।
पूर्णागिरि के दर्शन के बहाने युवती को लाए
पूछताछ में युवती ने बताया कि आरोपी उसे मां पूर्णागिरि के दर्शन के बहाने यहां लाए थे, लेकिन बाद में वे आपस में उसे बेचने की बात करने लगे। इसी बीच पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया।
कोतवाल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में युवती का मुंहबोला भाई पत्थपुर टिला वार्ड संख्या 18 महेंद्रनगर (नेपाल) निवासी नारद दमाई उर्फ किरन परिहार पुत्र कमल दमाई, श्रीपुर वार्ड संख्या 8 महेंद्रनगर निवासी प्रेमराज चौधरी पुत्र मान बहादुर चौधरी, वार्ड संख्या 10 गड्डाचौकी नेपाल निवासी गगन सिंह थापा पुत्र देव सिंह थापा, पेट्रोल पंप के पीछे बोरागाठ टनकपुर निवासी आशाराम निषाद उर्फ डॉक्टर पुत्र रामऔतार निषाद और बंडिया खटीमा निवासी मो. नसरुद्दीन पुत्र रहमतुल्लाह उर्फ मास्टर शामिल हैं। पांचों के खिलाफ आईपीसी की धारा 363/366 (ख), 370 (2) और अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।