रिश्वत मामले में फंसे एमडीडीए के सहायक अभियंता के कंप्यूटर हार्ड डिस्क की फोरेसिंक जांच के लिए विजिलेंस टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। डाटा डिलीट हुआ या नहीं, जांच में इसका खुलासा होगा। क्योंकि अभी तक फाइल में कुछ भी खास नहीं मिला है। उधर एमडीडीए ने घूस कांड संबंधी फाइल गायब होने से इंकार कर दिया है। उन्होंने विजिलेंस को जांच में हर संभव मदद देने की बात कही है।
दो दिन पहले गिरफ्तार हुआ इंजीनियर
माजरा निवासी लक्ष्मीचंद का मानचित्र वाद निस्तारित करने के नाम पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए सुपर वाइजर अजय कुमार को पकड़ा गया था। शिकायतकर्ता का आरोप था कि रकम की मांग सहायक अभियंता टीपी नौटियाल ने की थी। उसके ही इशारे पर सुपरवाइजर ने रिश्वत वसूली थी।
विजिलेंस ने दो दिन पहले ही झाझरा से नौटियाल को गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की टीम ने उसके साथ जाकर एमडीडीए ऑफिस में छानबीन के बाद उसे जेल भेज दिया था। बृहस्पतिवार को कब्जे में ली गई हार्ड डिस्क को फोरेंसिक जांच के लिए भेजने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है।
हार्ड डिस्क में मिल सकता है सबूत
फाइल में तो ऐसा कुछ नहीं मिला, लेकिन हार्ड डिस्क में कुछ खास मिलने की उम्मीद है। इस लिहाज से कब्जे में लेकर उसे फोरेसिंक जांच के लिए भेजा जा रहा है।
-अशोक कुमार, निदेशक विजिलेंस
मानचित्र मामले की फाइल पहले दिन ही विजिलेंस टीम ले गई थी। एमडीडीए जांच में हर संभव सहयोग कर रहा है। कर्मचारियों को भी जांच में हर संभव मदद के निर्देश दिए गए हैं।
-पीसी दुमका, सचिव एमडीडीए