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तो क्या बिजनौर धमाके से जुड़े हैं रुड़की ब्लास्ट के तार?

Tue, 09 Dec 2014 01:37 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
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छह दिसंबर को हुए धमाके की जांच पड़ताल के लिए सोमवार को दिल्ली से राष्ट्रीय जांच एजेंसी के दो और अधिकारी व दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम के चार सदस्य रुड़की पहुंचे।
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दोनों टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद भी अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया है।

इनमें वर्ष 2010 में आईएसआई का एजेंट होने के आरोप में गिरफ्तार असद उर्फ आबिद भी शामिल है। धमाके के तार पिछले दिनों बिजनौर में हुए बम धमाके के बाद से फरार संदिग्ध आतंकियों से भी जोड़कर देखे जा रहे हैं।

धमाके  में मारे गए छात्र तुषार की स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। स्कूलों में भी शोक सभाएं हुई। सभी ने तुषार को शहीद का दर्जा देने की मांग की।
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अभी एनआईए की टीम जांच कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। विस्फोटक की प्रवृति का भी तभी पता चल पाएगा। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। पूछताछ जारी है।
- रामसिंह मीणा, अपर पुलिस महानिदेशक

पुलिस की स्पेशल टीम का बिजनौर में डेरा

रुड़की ब्लास्ट में बिजनौर में हुए बम ब्लास्ट के फरार आतंकियों पर पुलिस के शक की सुई टिकी है। पुलिस की एक स्पेशल टीम ने इन आतंकियों की पूर्व की फुटेज हासिल की है।

पुलिस की एक स्पेशल टीम एक बड़े सर्विलांस का मास्टर समझे जाने वाले पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में बिजनौर में डेरा डाले हुए है। बता दें बिजनौर में जुलाई में बम ब्लास्ट हुए थे।

ब्लास्ट में कुछ आरोपी मौके से फरार हो गए थे। इनकी तस्वीर सीसीटीवी में भी कैद हुई थी। इनकी फुटेज आसपास के राज्यों में भी भेजी गई थी लेकिन आरोपी हाथ नहीं आ सके थे। रुड़की ब्लास्ट को अब बिजनौर में हुए धमाकों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

उत्तराखंड के सर्विलांस के मास्टर समझे जाने वाले एक पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में पुलिस की टीम बिजनौर में डेरा डाले हुए है। रविवार को एडीजी भी पुलिस की टीम बिजनौर भेजे जाने की बात कह चुके है।
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‘अवशेष’ से धमाके के खुलासे की उम्मीद

विस्फोट वाली जगह से एनआईए की टीम ने दो दिनों में कई ऐसे अवशेष जुटाए हैं, जो धमाके की तासीर बताएगी। पता चलेगा कि इस तरह के धमाके इससे पूर्व कहां हुए थे?

कौन सा आतंकी संगठन ऐसे विस्फोट करता है? जांच के बाद पता चल सकेगा कि बम स्थानीय स्तर पर तैयार किया गया था या कहीं और बनाया गया था?

जांच एजेंसी अब रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही है। फिलहाल रुड़की ब्लास्ट में अब तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल पाई है। पुलिस टीमों के अलावा एनआईए की टीम ने भी घटनास्थल से धमाके के साक्ष्य जुटाए थे।

एनआईए की टीम ने घटनास्थल से छोटे-छोटे प्लास्टिक, लोहे और कागज के टुकड़े कब्जे में लिए हैं। बताया गया है जांच एजेंसी ने अवशेषों के आधार पर अपने साथ लाए उपकरणों से धमाके के बाद की गंध की भी जानकारी जुटाई है। अवशेषों को एनआईए टीम ने अपने कब्जों में लिया है।
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