उत्तराखंड के कुख्यात अपराधी भूरा के नेपाल में प्रवेश करने की खुफिया सूचना पर पुलिस और सुरक्षा बल सीमा पर खासे चौकन्ने हैं। नेपाल सीमा के साथ ही ऊधमसिंह नगर और हुड्डी नदी छोर पर गश्त बढ़ाई गई है।
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दस लाख के इनाम की घोषणा के बाद बदमाश अमित उर्फ भूरा उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड ही नहीं पूरे देश का नंबर एक इनामी बदमाश हो गया है।
शारदा बैराज चौकी पर भी पुलिस अनजान और संदिग्धों पर पैनी नजर रखे है। पुलिस अभिरक्षा से फरार इनामी बदमाश अमित उर्फ भूरा के नेपाल भागने की सूचना पर एसपी डीएस कुंवर ने पुलिस, खुफिया तंत्रों और सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
एसओ पीएस दानू ने बताया कि शारदा बैराज चौकी पर सशस्त्र पुलिस को चेकिंग में लगाया गया है। उन्होंने बताया कि धनुषपुल, गढ़ीगोठ, जगबूड़ा पुल और हुड्डी नदी तट पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
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एसआई विनोद जोशी, एसआई भोपाल सिंह सम्मल के नेतृत्व में जवानों की टोलियां विभिन्न स्थानों में गश्त कर रही हैं। एसएसबी जवानों को भी डाग स्क्वाएड के साथ सीमा पर मुस्तैदी से पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं।
13 दिन से भूरा के पीछे पुलिस के सौ जवान
बागपत से फरार भूरा की तलाश में चल रहा अभियान राज्य गठन के बाद से अब तक उत्तराखंड पुलिस का सबसे बड़ा तलाशी अभियान बन गया है। 13 दिन से पुलिस के सौ जवान पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा की खाक छान रहे हैं।
हजारों मोबाइल खंगाले जा चुके हैं, दर्जनों संदिग्धों से पूछताछ और 127 ठिकानों पर दबिश दी जा चुकी है। लेकिन, भूरा का कोई सुराग न मिलने से यह आंकड़ा अभी और बढ़ते जाने की आशंका बनी हुई है।
दून से लेकर दिल्ली तक इन दिनों पुलिस की जुबां पर भूरा का ही नाम चढ़ा हुआ है। उत्तर प्रदेश पुलिस पहले भी इस तरह के हालातों से जूझ चुकी है, लेकिन उत्तराखंड पुलिस का यह सबसे बड़ा अभियान बन गया है।
करीब तीन माह पूर्व नकरौंदा में सहायक कृषि अधिकारी सुरेंद्र थपलियाल के घर में डकैती के दौरान उनके बेटे अंकित की हत्या ने भी पुलिस को हिला दिया था।
लेकिन, भूरा के मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से लेकर पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) तक को अभियान की कमान संभालनी पड़ी है। दून और हरिद्वार जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सौ जवानों के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में डेरा डाले हुए हैं।
शासन के हर दिन समीक्षा के चलते पुलिस अधिकारियों पर खुलासे का दबाव है। सूत्रों की मानें तो उत्तराखंड पुलिस अब तक कई राज्यों के 127 ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है।
हजारों अपराधियों के कॉल डिटेल खंगाल चुकी है, जबकि सर्विलांस पर फोन सुनने का तो कोई हिसाब ही नहीं है। हालांकि, यह अभियान कितना कारगर होगा यह अब तक नहीं मालूम।
प्रिंस, सद्दाम ने खोले कई राज दिल्ली पुलिस द्वारा पकड़े गए प्रिंस और सद्दाम ने भूरा की फरारी से जुड़े कई राज खोले हैं। हालांकि, दोनों से भूरा के ठिकाने की कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
दोनों ने कुछ संभावित जगहें जरूर बताई, लेकिन वहां कुछ हासिल नहीं हुआ। उप महानिरीक्षक संजय गुंज्याल का कहना है कि भूरा को भगाने वाले अन्य साथियों की तलाश में दबिश चल रही है।
भूरा के ठिकानों की कोई सीमा नहीं भूरा के ठिकानों की कोई सीमा नहीं रह गई है। देश के तमाम हिस्सों में छिपने के अलावा उसके नेपाल आदि भागने की आशंकाएं जताई जा रही है। शनिवार को भूरा के बेंगलुरू में छिपे होने की खबरें उड़ती रहीं। उत्तराखंड पुलिस अब तक हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र तक संपर्क साध चुकी है।