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दिल्ली में छिपा है कुख्यात भूरा!

Thu, 01 Jan 2015 03:31 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून, मेरठ
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10 लाख का इनामी बदमाश अमित उर्फ भूरा दिल्ली में छिपा है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि दिल्ली ट्रैफिक पुलिस में तैनात एक दरोगा भूरा का खास जानकार है। उसकी मदद से ही वह दिल्ली में ही सुरक्षित जगह पनाह लिए हुए है। इसके अलावा भूरा लंबे समय से दिल्ली पुलिस का मुखबिर भी रहा है।
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तीन राज्यों का संयुक्त ऑपरेशन भी फेल
पुलिस अफसरों का भी ऑफ द रिकॉर्ड मानना है कि राहुल खट्टा की तरह ही कहीं न कहीं पुलिस और सियासत से जुड़े कुछ लोगों का संरक्षण मिल रहा है, जिसकी वजह से तीन राज्यों का संयुक्त ऑपरेशन भी फेल साबित हो रहा है।

सूत्रों का कहना है कि अमित उर्फ भूरा की जिस गर्लफ्रेंड के संबंध में बात हो रही थी, वह भी दिल्ली की रहने वाली है। बताया जाता है कि बागपत से फरार होने के बाद भूरा पहले हरियाणा और वहां से दिल्ली पहुंचा था। एक पुलिस अफसर की मानें तो भूरा को दिल्ली में ही संरक्षण मिलने की जानकारी मिल रही है।
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गौरतलब है कि पिछले तीन दिनों से मीडिया में यह चर्चा है कि अमित उर्फ भूरा दिल्ली पुलिस के कब्जे में आ चुका है। लेकिन उसे विशेष कारणों के चलते सामने नहीं लाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भूरा का इतनी आसानी से गिरफ्तार होना संभव नहीं है।

वह टारगेट लेकर ही सेटिंग से उत्तराखंड पुलिस की कस्टडी से भगाया गया और टारगेट पूरा होने के बाद सेटिंग से ही सामने आ जाएगा।

उधर, अमित भूरा को पकड़ने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में चलाए जा रहे ऑपरेशन का कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया है। जबकि भूरा को पकड़ने के लिए पुलिस की 26 टीमों के अलावा क्राइम ब्रांच और एसटीएफ भी अलग से लगी है।

विधायक पर दबाव बढ़ा, फिर भी भूरा न मिल पाया
दो एके-47 और एक एसएलआर लूटकर पुलिस कस्टडी से छुड़ाए गए गैंगेस्टर भूरा को पकड़ने के लिए आजमाई जा रही पुलिस की एक भी तरकीब कामयाब होती नजर नहीं आ रही है। दस लाख के इस ईनामी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने दिल्ली के एक विधायक पर भी दबाव बना रखा है लेकिन फायदा नहीं हुआ।

मोस्ट वांटेड अपराधी की तलाश में लगी चार राज्यों की पुलिस उसके परिजनों से लेकर रिश्तेदारों तक से हजारों सवाल कर चुकी है लेकिन उसका कोई सुराग तक नहीं मिल पाया है। उसकी गर्ल फ्रेंड से हुई पूछताछ भी खास कारगर नहीं हुई।

पुलिस ने प्रिंस और सद्दाम नाम के दो अपराधियों को पकड़ने के बाद बगैर लिखापढ़ी के चौंकाने वाला खुलासा किया था कि भूरा को छुड़ाने की साजिश दिल्ली के एक विधायक के दफ्तर पर बनी।

सूत्रों का कहना है कि इस खुलासे के पीछे मकसद विधायक पर दबाव बनाने का था। ऐसा शक था कि विधायक को भूरा के ठिकाने की जानकारी है। पुलिस ने विधायक के दफ्तर पर दबिश भी दी लेकिन भूरा का कोई सुराग नहीं मिला।

भूरा को छुड़ाने की साजिश में बागपत में पकड़े गए समरपाल और बॉबी से हुई पूछताछ भी कोई खास जानकारी नहीं दे पाई। इसके बाद दिल्ली में पकड़े गए प्रिंस और सद्दाम से भी कोई क्लू नहीं मिला, जो पुलिस को भूरा तक पहुंचा सके।

फिलहाल स्थिति यह है कि पुलिस दावे के साथ यह भी नहीं कह पा रही है कि भूरा कितने दिनों में पकड़ा जा सकता है? जो लोग भूरा के निशाने पर बताए गए, पुलिस ने उनकी मदद ली। चीनू पंडित जैसे जिन बदमाशों से भूरा की ठनी हुई है, उन्हें भी लगाया गया, लेकिन ऐसा एक भी तीर निशाने पर नहीं लग पाया।
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अभी तक भूरा का सटीक सुराग नहीं मिला है लेकिन पुलिस की टीमें दिन रात उसकी तलाश में लगी हैं, उसे पकड़ने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
- जितेन्द्र शाही, एसपी
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