उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर में पुलिस टीम पर फायरिंग और लाठी डंडों से हमला कर ग्रामीण और उसके परिजन एक चरस तस्कर को छुड़ा ले गए। पुलिस टीम ने भी जवाबी फायरिंग कर अपनी जान बचाई। बावजूद इसके दो पुलिस कर्मी और होमगार्ड का एक जवान घायल हो गया। पुलिस ने आरोपी समेत 11 लोगों को नामजद करते हुए करीब दो दर्जन हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सोमवार तड़के करीब तीन बजे थानाध्यक्ष मदन मोहन जोशी पुलिस टीम के साथ प्रतापपुर क्षेत्र में गश्त पर थे। नगला प्रतापपुर मोड़ पर संदिग्ध युवक शिवकुमार को देखकर पुलिस ने उसे पकड़ लिया और तलाशी ली।
तलाशी में उसकी जेब में रखी थैली में पैक 66 पुड़िया स्मैक बरामद हुई। इसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया। स्मैक तस्कर के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस टीम को घेर लिया।
हमले में दो पुलिसकर्मी और होमगार्ड जवान घायल
आरोप है कि परिजन और ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया और दो राउंड फायरिंग कर आरोपी को छुड़ा ले गए। जवाब में पुलिस ने भी एक हवाई फायर किया जिस पर हमलावर मौके से भाग निकले।
थानाध्यक्ष जोशी ने बताया कि हमले में सिपाही विनोद जोशी, गिरीश चंद और होमगार्ड नानक चरन घायल हो गए। पुलिस ने घायल सिपाहियों का सीएचसी सितारगंज में भर्ती कराकर उपचार कराया।
थानाध्यक्ष की तहरीर पर स्मैक तस्कर शिवकुमार के खिलाफ एनडीपीएस की धारा 8/22 तथा 11 परिजनों और ग्रामीणों के साथ ही 20 अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी धारा 147, 148, 149, 332, 225, 353, 504, 307 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसओ जोशी ने बताया कि हमलावर फरार न हों, इसलिए उनके नाम नहीं खोले जा रहे हैं। धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है।