इस मामले की जांच सीबीआई के सुपुर्द हुई थी। सीबीआई ने साक्ष्यों का संकलन कर बीते साल अक्तूबर में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इसी दौरान आरोपी ने एक करोड़ की रकम वापस विभागीय खाते में जमा कराकर माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया था।
शुक्रवार को सुनवाई के दौरान सीनियर ऑडिटर ने अपना जुर्म कबूल लिया। जुर्म स्वीकारने के बाद सीबीआई की स्पेशल जज शादाब बानो ने पंकज को चार साल की कैद और 40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। इसके बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।